कभी कभी सही-गलत की पहचान करना कितना मुश्किल हो जाता है,दोनों में थोड़ा सा ही फ़ासला होता है।पर सच्चाई वह बीज है जो मरुस्थल में भी अंकुरित हो ही जाता है। जो बुद्धिमान होता है वो दूसरो की गलतियों से सीखता हैं। सामान्य व्यक्ति अपनी गलतियों से सीखता हैं और मूर्ख ना तो दूसरों की गलतियों से सीख लेता है ना तो अपनी गलतियों से सीख लेता हैं। ॐ नमो नारायण। 🙏 श्रवण गिरी गोस्वामी मालकोसनी 🙏 #❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #☝ मेरे विचार #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🙏राम राम जी
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