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jasbir
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#Eek Tu Hi Guru Ji
031 Trer लम a - Eek Tu Hi Tu Guru Ji पुत्तर तुम ज़रा अपने भीतर झांक कर देखो, तुम्हारे मन में चलने वाले निन्यानबे मिमूल कौपचिक्ल तुग़ प्रतिशत विचार पूरी तरह व्यर्थ हैं। याद रखो, इस भी नहीं चिंता तुम्हारी मिलता। हर फालतू सोच, व्यर्थ की गपशप और फिजूल अनमोल जीवन ऊर्जा को सोख रही है। एक व्यर्थ विचार के बदले भी छुम हो हिस्सा ' हो। जैसे किसी बर्तन में ' अपने जीवन का एक कीमती ஈகி 3 गंवा तो सारा जल बह जाता है॰ वैसे ही आदतों से तुम्हारी आत्मा की शक्ति क्षीण हा रही है। संयम का सच्चा अर्थ किसी चीज़ को ज़बरदस्ती छोड़ना नहीं, बल्कि व्यर्थ को छांट देना है। व्यर्थ देखना , व्यर्थ सुनना और व्यर्थ बोलना बंद करो। अपनी ऊर्जा को इस तरह बाहर मत लुटाओ। इस ऊर्जा को बचाओ , भीतर समेटो और केवल परमात्मा के सुमिरन व आत्म कल्याण के मार्ग पर लगाओ। जीवन तभी सार्थक होगा जब तुम अनिवार्य के साथ जीना सीख लोगे।
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    #Eek Tu Hi Guru Ji
    ओ नमः शिवाय EEK TU HI TU GURU JI पुत्तर, भोले शिव बाबा नूं सिर्फ़ मंदिरां दे अंदर ना ढूँढ... इक पल लई अपने अंदर भी उतर के वेख। जिहड़ी शांति दी तलाश तूं बाहर कर 316' तेरे अपने अंदर ही तेरा इंतज़ार कर रही है। प्रभात दी रिहा हैं ना, किरण दे नाल सिर्फ़ अपनी अक्खां ही ना खोल, अपने मन नूं पहली ' भी जगा ले। जागना ही असली जीवन है। जब तक तूं होश विच जीना शुरू नहीं करदा , तब तक तूं सिर्फ़ सपने वेख रिहा हैं।l हर नई प्रभात तैनूं अपने आप नूं पहचानण दा इकनया मौक़ा देंदी है। याद रख़ीं, असली सफलता बाहर दी दुनिया नूं जित्तण विच नहीं, बल्कि अपने मन नूं जित्तण विच है। मन जीते जग जीत . जिसने भी अपने अंदर नूं जान लिया, ओही इस दुनिया दा असली सम्राट है। ऊँ शिव जी सदा सहाय ७ नमः शिवाय ओ नमः शिवाय EEK TU HI TU GURU JI पुत्तर, भोले शिव बाबा नूं सिर्फ़ मंदिरां दे अंदर ना ढूँढ... इक पल लई अपने अंदर भी उतर के वेख। जिहड़ी शांति दी तलाश तूं बाहर कर 316' तेरे अपने अंदर ही तेरा इंतज़ार कर रही है। प्रभात दी रिहा हैं ना, किरण दे नाल सिर्फ़ अपनी अक्खां ही ना खोल, अपने मन नूं पहली ' भी जगा ले। जागना ही असली जीवन है। जब तक तूं होश विच जीना शुरू नहीं करदा , तब तक तूं सिर्फ़ सपने वेख रिहा हैं।l हर नई प्रभात तैनूं अपने आप नूं पहचानण दा इकनया मौक़ा देंदी है। याद रख़ीं, असली सफलता बाहर दी दुनिया नूं जित्तण विच नहीं, बल्कि अपने मन नूं जित्तण विच है। मन जीते जग जीत . जिसने भी अपने अंदर नूं जान लिया, ओही इस दुनिया दा असली सम्राट है। ऊँ शिव जी सदा सहाय ७ नमः शिवाय
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    jasbir
    #Eek Tu Hi Guru Ji
    GURU0z [EEK Tu TT Tu पुत्तर मनुष्य दे जीवन विच समस्या बाहर की भीड़ नहीं है, समस्या भीतर की भीड़ है यही मूल मंत्र है..!! हम सब यही भ्रम पालते हैं - हिमालय जाऊंगा तो शांति मिलेगी। फोन बंद कर दूंगा तो मन शांत होगा..लोग बदल जाएंगे तो जीवन बदल जाएगा, पर ম নুলনা ' करेगा [ जो भीड़ में सच यह है जो बाजार में ईर्ष्या करता था, वो जंगल ' अहंकारी था, वो एकांत में वैराग्य का अहंकार पाल लेगा.. ,क्योंकि पता बदला है, इंसान नहीं. . !!कृष्ण ने युद्धभूमि में गीता दी, कबीर करघा बुनते बुनते पार हो गए.॰॰ रविदास सिद्ध  जूते गाँठते गाँठते हो गए.॰! जागना स्थान की घटना नहीं, इसका मतलब? चेतना की घटना है..!!हिमालय शांत नहीं करता , तुम शांत हो जाओ तो हिमालय भी भीतर उतर आता है,और अगर भीतर कोलाहल है तो कैलाश भी बाजार बन तुम्हारे जाएगा। पुत्तर बाहर का शोर इतना परेशान नहीं करता, जितना भीतर का शोर करता है, मनुष्य की हजार इच्छाएं, सैकड़ों भय अनगिनत स्मृतियां - यही असली बाजार है।ऊँ नमः शिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय 4 GURU0z [EEK Tu TT Tu पुत्तर मनुष्य दे जीवन विच समस्या बाहर की भीड़ नहीं है, समस्या भीतर की भीड़ है यही मूल मंत्र है..!! हम सब यही भ्रम पालते हैं - हिमालय जाऊंगा तो शांति मिलेगी। फोन बंद कर दूंगा तो मन शांत होगा..लोग बदल जाएंगे तो जीवन बदल जाएगा, पर ম নুলনা ' करेगा [ जो भीड़ में सच यह है जो बाजार में ईर्ष्या करता था, वो जंगल ' अहंकारी था, वो एकांत में वैराग्य का अहंकार पाल लेगा.. ,क्योंकि पता बदला है, इंसान नहीं. . !!कृष्ण ने युद्धभूमि में गीता दी, कबीर करघा बुनते बुनते पार हो गए.॰॰ रविदास सिद्ध  जूते गाँठते गाँठते हो गए.॰! जागना स्थान की घटना नहीं, इसका मतलब? चेतना की घटना है..!!हिमालय शांत नहीं करता , तुम शांत हो जाओ तो हिमालय भी भीतर उतर आता है,और अगर भीतर कोलाहल है तो कैलाश भी बाजार बन तुम्हारे जाएगा। पुत्तर बाहर का शोर इतना परेशान नहीं करता, जितना भीतर का शोर करता है, मनुष्य की हजार इच्छाएं, सैकड़ों भय अनगिनत स्मृतियां - यही असली बाजार है।ऊँ नमः शिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय 4
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    jasbir
    #Eek Tu Hi Guru Ji
    GURUI @ ek VQ ஏய ٥٥ पुत्तर, मन दीयां वाधू सोचां तैनू थका देंदीयां ने, पर परमात्मा दा ध्यान तैनू ताज़गी देंदा दै.!! रब्ब नू बाहर लब्भण दी ओहनू बस अपने अदर जाग के লীভ ন৪ী; সঃযুষ করং৩! दिन रात दुनिया दी पिलिय उलझनां बंदे नू अंदरों तोड़ देदी नाम सिभसयन नू सच्ची खुशी ते ताज़गी గ్ే q R qT फर दा इक ही तरीका है देंदा है..!! पुत्तर, मन नू शात ~  तू साक्षी बन...!!अपने विचारां ते ना ही लड नही विच बह। विचारां नू वगदे पानी चांग लंघ जाण देः तू ओहना ओहनू ' वेखण वाला बन। जद तू सिर्फ वेखण बस चुपचाप वाला बन जावेंगा, तां मन अपने आप शांत ते सहज हो जावेगा .!! ऊँ नमः शिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय ५ GURUI @ ek VQ ஏய ٥٥ पुत्तर, मन दीयां वाधू सोचां तैनू थका देंदीयां ने, पर परमात्मा दा ध्यान तैनू ताज़गी देंदा दै.!! रब्ब नू बाहर लब्भण दी ओहनू बस अपने अदर जाग के লীভ ন৪ী; সঃযুষ করং৩! दिन रात दुनिया दी पिलिय उलझनां बंदे नू अंदरों तोड़ देदी नाम सिभसयन नू सच्ची खुशी ते ताज़गी గ్ే q R qT फर दा इक ही तरीका है देंदा है..!! पुत्तर, मन नू शात ~  तू साक्षी बन...!!अपने विचारां ते ना ही लड नही विच बह। विचारां नू वगदे पानी चांग लंघ जाण देः तू ओहना ओहनू ' वेखण वाला बन। जद तू सिर्फ वेखण बस चुपचाप वाला बन जावेंगा, तां मन अपने आप शांत ते सहज हो जावेगा .!! ऊँ नमः शिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय ५
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    #Eek Tu Hi Guru Ji
    Cedu nululuuutdt पुत्तर, सबतों पहले अपने दिलों नूं सा़फ़ करो, क्योंकि जब शीशा ही गंदा होवे , तां उस विच सूरज दी चमक भी धुँधली नज़र आउंदी है। इसमें सूरज दा कोई दोष नहीं हुंदा पुत्तर, सारा दोष उस गंदे शीशे दा है..!! इसी तरह जेकर साडा मन ईर्ष्या, अहंकार ते 'కెెIIaf' बिल्कुल ' वासना नाल भरेया होवेगा, तां सानूं सबतों सुंदर साधारण दिखाई देवेगा| पर जेकर मन विच सच्चा प्रेम ते निम्रता आ जावे, तां एक साधारण जीहा इंसान भी परमेसर (ईश्वर) दा रूप नज़र आउन लग जांदा है। नज़रिया बदलो , नज़ारे बदल जानगे पुत्तर, जिस दिन तेरी अक्खां (आंखों) विच उस दिन तैनूं इह सारी दुनिया बदलदी हुई परमात्मा दा सच्चा प्रेम उतर आया ना, दिखाई देवेगी . !! ऊँ नमः शिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय ५ Cedu nululuuutdt पुत्तर, सबतों पहले अपने दिलों नूं सा़फ़ करो, क्योंकि जब शीशा ही गंदा होवे , तां उस विच सूरज दी चमक भी धुँधली नज़र आउंदी है। इसमें सूरज दा कोई दोष नहीं हुंदा पुत्तर, सारा दोष उस गंदे शीशे दा है..!! इसी तरह जेकर साडा मन ईर्ष्या, अहंकार ते 'కెెIIaf' बिल्कुल ' वासना नाल भरेया होवेगा, तां सानूं सबतों सुंदर साधारण दिखाई देवेगा| पर जेकर मन विच सच्चा प्रेम ते निम्रता आ जावे, तां एक साधारण जीहा इंसान भी परमेसर (ईश्वर) दा रूप नज़र आउन लग जांदा है। नज़रिया बदलो , नज़ारे बदल जानगे पुत्तर, जिस दिन तेरी अक्खां (आंखों) विच उस दिन तैनूं इह सारी दुनिया बदलदी हुई परमात्मा दा सच्चा प्रेम उतर आया ना, दिखाई देवेगी . !! ऊँ नमः शिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय ५
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    #Eek Tu Hi Guru Ji
    (GURu-ನ2 [٤٥ ٢٥٥٥٥ ٥٠ पुत्तर! मेरी गल्ल सुनो। ध्यान नाल बंदा जन्मां-जन्मां तों बाहर भाग रहा है पैसे, मान ते रिश्तों दे पीछे। पर बाहर दी दौड़ सिर्फ थकाएगी, असली यात्रा तां तेरे अंदर दी है। जदों शांत बैठदा है, तां अंदरों आवाज़़ आउंदी है "मैं"। एह मैं ही तेरे सारे दुखां दी जड़ है। जदों एह भाव उठे, तां एहदे नाल बस एक देखण वाला (साक्षी) बन जा। जैसे ही 'मैं बहना नहीं, दा शोर थमेगा, अंदर दी असीम शांति प्रकट हो जावेगी। रोज़ शांत बैठ, सांसां नूं देख ते॰इस 'मैं दे खेल दा दर्शक बन जा। तेरा साक्षीभाव गहरा होवेगा, सत्य प्रकट हो जावेगा। जब-जब फिर बाहर नहीं लब्भणा पवेगा, तू पाएगा कि जिसनूं तू लब्भ रहा सी, ओह तू खुद ही हैं!ऊँ नमः शिवाय II शिवा शिव जी सदा सहाय 4 (GURu-ನ2 [٤٥ ٢٥٥٥٥ ٥٠ पुत्तर! मेरी गल्ल सुनो। ध्यान नाल बंदा जन्मां-जन्मां तों बाहर भाग रहा है पैसे, मान ते रिश्तों दे पीछे। पर बाहर दी दौड़ सिर्फ थकाएगी, असली यात्रा तां तेरे अंदर दी है। जदों शांत बैठदा है, तां अंदरों आवाज़़ आउंदी है "मैं"। एह मैं ही तेरे सारे दुखां दी जड़ है। जदों एह भाव उठे, तां एहदे नाल बस एक देखण वाला (साक्षी) बन जा। जैसे ही 'मैं बहना नहीं, दा शोर थमेगा, अंदर दी असीम शांति प्रकट हो जावेगी। रोज़ शांत बैठ, सांसां नूं देख ते॰इस 'मैं दे खेल दा दर्शक बन जा। तेरा साक्षीभाव गहरा होवेगा, सत्य प्रकट हो जावेगा। जब-जब फिर बाहर नहीं लब्भणा पवेगा, तू पाएगा कि जिसनूं तू लब्भ रहा सी, ओह तू खुद ही हैं!ऊँ नमः शिवाय II शिवा शिव जी सदा सहाय 4
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    jasbir
    #Eek Tu Hi Guru Ji
    Lek UU HI TU GURU @1 पुत्तर, जब तक तूँ अपनी बनाई हुई पहचान, अपना अहँकार अपनी इज़्ज़त प्रतिष्ठा और अपनी ऐ सामाजिक छवि नहीं छड्डदा.. तब तक तूँ परमात्मा दे प्रेम विच प्रवेश नहीं कर सकदा। क्योंकि मालिक दा द्वार किसी 'इज्ज़तदार या बड़े बंदे ली नहीं खुलदा। ओ तां ओह्दे ली खुलदा ऐ जो ओह्दे प्रेम विच एन्ना डुब्ब जावे कि दुनिया ओहनूं मजनूँ॰ दीवानाॅँया 'आवारा कहन लग पावे..!! पुत्तर, मजनूँ होन दा मतलब किसी औरत दे पीछे पागल होना नहीं ऐ॰॰॰ मजनूँ होना तां तेरे अपने अहँकार दी मौत ऐ! लैला कोई स्त्री नहीं, ऐ तां कुदरत ते रब दा परम सौंदर्य ऐ। ते 'आवारा' ओह ऐ॰ जिसने भीड़ दी॰ सड़क छड्ड के सच दी पगडंडी चुन लई ऐ॰॰!!जिस दिन तूँ परमात्मा दे प्यार ली अपनी पहचान दाँव ते ला देवेंगा, उसी दिन ओह मालिक तैनूं लब्भ लेवेगा। क्योंकि परमात्मा तर्कों नाल नहीं, दीवानगी नाल मिलदा ऐ॰ ज्ञान नाल नहीं, इश्क़ नाल मिलदा ऐ॰॰!! ऊँ नमः शिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय % Lek UU HI TU GURU @1 पुत्तर, जब तक तूँ अपनी बनाई हुई पहचान, अपना अहँकार अपनी इज़्ज़त प्रतिष्ठा और अपनी ऐ सामाजिक छवि नहीं छड्डदा.. तब तक तूँ परमात्मा दे प्रेम विच प्रवेश नहीं कर सकदा। क्योंकि मालिक दा द्वार किसी 'इज्ज़तदार या बड़े बंदे ली नहीं खुलदा। ओ तां ओह्दे ली खुलदा ऐ जो ओह्दे प्रेम विच एन्ना डुब्ब जावे कि दुनिया ओहनूं मजनूँ॰ दीवानाॅँया 'आवारा कहन लग पावे..!! पुत्तर, मजनूँ होन दा मतलब किसी औरत दे पीछे पागल होना नहीं ऐ॰॰॰ मजनूँ होना तां तेरे अपने अहँकार दी मौत ऐ! लैला कोई स्त्री नहीं, ऐ तां कुदरत ते रब दा परम सौंदर्य ऐ। ते 'आवारा' ओह ऐ॰ जिसने भीड़ दी॰ सड़क छड्ड के सच दी पगडंडी चुन लई ऐ॰॰!!जिस दिन तूँ परमात्मा दे प्यार ली अपनी पहचान दाँव ते ला देवेंगा, उसी दिन ओह मालिक तैनूं लब्भ लेवेगा। क्योंकि परमात्मा तर्कों नाल नहीं, दीवानगी नाल मिलदा ऐ॰ ज्ञान नाल नहीं, इश्क़ नाल मिलदा ऐ॰॰!! ऊँ नमः शिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय %
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    #Eek Tu Hi Guru Ji
    alt cry निटयठ विलोर Slolg 5 अतती गुर नताडि 6 [కెక Ud Eఐ Uu (Gొ లౌ पुत्तर, संसार दा घोर से॰घोर अंधकार ते नकारात्मकता भी तेरे अंदरऔमौजूद विश्वास ते सत्य दे एक छोटे से दीपक नूं बुझा नी सकती! परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न होण ओपने अंदर आस्था दी लौ नूं हमेशा जला के रख। इक मेरेरशप्रति तेरा কী ৯২ विश्वास जीवन विच नया प्रकाश लेके आएगा... ते तैनूं हर संकट तों पार लाएगा! शुकराना कर, ते बेफिक्र रह! ऊँ नमः बस भरोसा रख शिवाय, शिव जी सदा सहाय U alt cry निटयठ विलोर Slolg 5 अतती गुर नताडि 6 [కెక Ud Eఐ Uu (Gొ లౌ पुत्तर, संसार दा घोर से॰घोर अंधकार ते नकारात्मकता भी तेरे अंदरऔमौजूद विश्वास ते सत्य दे एक छोटे से दीपक नूं बुझा नी सकती! परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न होण ओपने अंदर आस्था दी लौ नूं हमेशा जला के रख। इक मेरेरशप्रति तेरा কী ৯২ विश्वास जीवन विच नया प्रकाश लेके आएगा... ते तैनूं हर संकट तों पार लाएगा! शुकराना कर, ते बेफिक्र रह! ऊँ नमः बस भरोसा रख शिवाय, शिव जी सदा सहाय U
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    jasbir
    #Eek Tu Hi Guru Ji
    rK d ٥0? १ Grru ಊr की देह तां शूद्र है॰ ते सरल है। शूद्र सदा ही सरल हुंदे ने। मनुष्यों पुत्तर पर मन बहुत चालबाज़, चालाक होशियार ते हिसाब बिठाने वाला है! मन किसे चीज़ नाल राज़ी नी हुँदा। मन मन की ही सब दौड़ां ने.॰. फैलाए चला जांदा है। ओ जानता ही नहीं कि व्यवसायी है॰ ओ व्यापार किए कित्थे रुकना है! ओ अपनी दुकान बड़ी चला जांदा है॰॰. ते बड़ी करदे करदे ही मर जांदा है. क़ दूजी ओड़, देह कुछ ज़्यादा मंगां नी fag करदी। दो रोटी मिल जाएं॰ सोण के छप्पर मिल जाए॰ बिस्तर मिल जाए॰ जल मिल जाए॰ कोई प्रेम करने वाला मिल जाए॰॰॰ बस! शरीर की मांगां सीधी साफ ने, थोड़ी है, और सीमित है। देह की मांगां सीमित हुंदी ने। देह कोई ऐसी गल्लां नी मंगदी जो असंभव हों। देह नूं असंभव विच कोई रस नी हुँदा... देह तां बिलकुल प्राकृतिक है! इसलिए अपने शरीर जोड़ रूपी देह नूं सत्संग विच ले कर अपने मन नूं परमात्मा नाल के अपना जीवन सफल करो जी॰॰!! ऊँ नमः शिवाय, शिव जी सदा सहाय d rK d ٥0? १ Grru ಊr की देह तां शूद्र है॰ ते सरल है। शूद्र सदा ही सरल हुंदे ने। मनुष्यों पुत्तर पर मन बहुत चालबाज़, चालाक होशियार ते हिसाब बिठाने वाला है! मन किसे चीज़ नाल राज़ी नी हुँदा। मन मन की ही सब दौड़ां ने.॰. फैलाए चला जांदा है। ओ जानता ही नहीं कि व्यवसायी है॰ ओ व्यापार किए कित्थे रुकना है! ओ अपनी दुकान बड़ी चला जांदा है॰॰. ते बड़ी करदे करदे ही मर जांदा है. क़ दूजी ओड़, देह कुछ ज़्यादा मंगां नी fag करदी। दो रोटी मिल जाएं॰ सोण के छप्पर मिल जाए॰ बिस्तर मिल जाए॰ जल मिल जाए॰ कोई प्रेम करने वाला मिल जाए॰॰॰ बस! शरीर की मांगां सीधी साफ ने, थोड़ी है, और सीमित है। देह की मांगां सीमित हुंदी ने। देह कोई ऐसी गल्लां नी मंगदी जो असंभव हों। देह नूं असंभव विच कोई रस नी हुँदा... देह तां बिलकुल प्राकृतिक है! इसलिए अपने शरीर जोड़ रूपी देह नूं सत्संग विच ले कर अपने मन नूं परमात्मा नाल के अपना जीवन सफल करो जी॰॰!! ऊँ नमः शिवाय, शिव जी सदा सहाय d
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    jasbir
    #Eek Tu Hi Guru Ji
    ٥٥» ٤٥ (GuRu [ತK @')1 ٦  पुत्तर इस संसार विच परमात्मा ही अंतिम सत्य है, और मैं उस सत्य तक पहुँचने का जीवित द्वार  जो मान और सम्मान तुम सब मुझे देते हो, मैं अपनी ५ी व्यक्ति पूजा नहीं कराना चाहता. बल्कि मेरा भाव यह लिए है कि तुम्हारा हृदय हमेशा जीवन के उस सत्य के' खुला रहे! मेरा असली काम तो बस इतना है > 6R हृदय में परमात्मा दे नाम दी जोत नू जगाना, ताकि मैं ही भीतर बैठे परमात्मा से मिला सकूँ!ऊँ 38 तुम्हारे' नमः शिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय ७ ٥٥» ٤٥ (GuRu [ತK @')1 ٦  पुत्तर इस संसार विच परमात्मा ही अंतिम सत्य है, और मैं उस सत्य तक पहुँचने का जीवित द्वार  जो मान और सम्मान तुम सब मुझे देते हो, मैं अपनी ५ी व्यक्ति पूजा नहीं कराना चाहता. बल्कि मेरा भाव यह लिए है कि तुम्हारा हृदय हमेशा जीवन के उस सत्य के' खुला रहे! मेरा असली काम तो बस इतना है > 6R हृदय में परमात्मा दे नाम दी जोत नू जगाना, ताकि मैं ही भीतर बैठे परमात्मा से मिला सकूँ!ऊँ 38 तुम्हारे' नमः शिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय ७
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    #Eek Tu Hi Guru Ji
    M ? ಪ @0 {50!? LeEk J पुत्तर सच्ची आज़ादी ते सच्ची बंदगी वही है,जे बंदा आपणे अंदर नूं खुश रखे॰ दुनिया नूं नहीं। समाज नूं खुश करन दी कोशिश विच पूरी ज़िंदगी निकल जांदी है॰ पर ए संसार कदे रज्जदा (संतुष्ट) नँहीं होंदा। जिन्ना मर्ज़ी तुसीं संतुष्ट कर लो, लोक कदे पूरी तरहः नहीं हो सकदे..!! इसी लई, आपणे अंदर नूं तृप्त करो॰ आपणे मन नूं संतुष्ट शांति तेः संतोष पा लया, भीतर करो। जिद्दों आपणे तुसीं बस समझो॰॰॰ ओही पल तों जीवन दा सच्चा आनंद ते दी रज़ा शुरू हो जांदी है। पसात्मा ऊँ नमः शिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय 4 M ? ಪ @0 {50!? LeEk J पुत्तर सच्ची आज़ादी ते सच्ची बंदगी वही है,जे बंदा आपणे अंदर नूं खुश रखे॰ दुनिया नूं नहीं। समाज नूं खुश करन दी कोशिश विच पूरी ज़िंदगी निकल जांदी है॰ पर ए संसार कदे रज्जदा (संतुष्ट) नँहीं होंदा। जिन्ना मर्ज़ी तुसीं संतुष्ट कर लो, लोक कदे पूरी तरहः नहीं हो सकदे..!! इसी लई, आपणे अंदर नूं तृप्त करो॰ आपणे मन नूं संतुष्ट शांति तेः संतोष पा लया, भीतर करो। जिद्दों आपणे तुसीं बस समझो॰॰॰ ओही पल तों जीवन दा सच्चा आनंद ते दी रज़ा शुरू हो जांदी है। पसात्मा ऊँ नमः शिवाय शिवा शिव जी सदा सहाय 4
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