एक पुकार... और भगवान स्वयं आ गए | Gajendra Moksha Katha जब गजेंद्र ने सब सहारा छोड़कर सिर्फ एक बार हृदय से हरि को पुकारा, तो वैकुंठ में बैठे भगवान विष्णु गरुड़ को भी छोड़कर दौड़ पड़े। यही तो भक्ति की शक्ति है - सच्चे मन की एक पुकार ही काफी है! 🙏 #जय विष्णु जी
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