M P SINGH
537 views 8 hours ago AI indicator
इश्क़ में औपचारिकता कुछ अजीब लगती है ..!😊 तुम्हें याद करने के लिए कोई वजह ढूँढ़ना, बात करने के लिए कोई बहाना बनाना, और हाल पूछने से पहले शब्दों को तौलना … ये सब मोहब्बत के स्वभाव के विरुद्ध है। इश्क़ तो वह है जहाँ “कैसे हो ?” पूछने से पहले मन कह उठे आज तुम्हारी आवाज़ सुनने का जी है 😉 जहाँ नाराज़गी में भी अपनापन हो, ख़ामोशी में भी संवाद हो, और मिलने के लिए कैलेंडर नहीं, बस एक बेचैन-सा दिल काफ़ी हो। बाक़ी दुनिया चाहे रिश्तों में नियम-कायदे ढूँढ़ती रहे… हम तो मोहब्बत में वही पुराने लोग हैं जहाँ दिल लगा, वहीं हक़ जता दिया, जहाँ याद आई, वहीं ख़बर कर दी ! 💌😂 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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