सुशील मेहता
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सावन का चौथा सोमवार
देवों के देव महादेव यानी कि भगवान शंकर की पूजा के लिए सोमवार सबसे शुभ दिन माना जाता है। वहीं सावन माह में आने वाले सोमवार को इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। सावन माह जिसे श्रावण मास के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सावन मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। वैसे तो शिव भक्त इस पूरे माह ही भगवान शिव की भक्ति में लीन रहते हैं। लेकिन प्रत्येक सोमवार को भोलेनाथ की विशेष पूजा की जाती है। यह सावन मास का चौथा व अंतिम सोमवार है। इस दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना महा फलदायी होता है. माना जाता है कि इस मंत्र का जाप करने से आयु बढ़ती है. सभी प्रकार की बीमारियों से मुक्ति मिलती है और भगवान शिव भक्त की सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। सुबह दिन जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प करें। फिर शिव मंदिर जाकर भोलेनाथ का गंगा जल चढ़ाएं। साथ ही माता पार्वती और नंदीजी को भी गंगाजल या दूध चढ़ाएं। पंचामृत से रुद्राभिषेक करें, बिल्व पत्र अर्पित करें। भगवान शिव को उनकी प्रिय चीजें भांग-धतूरा, चंदन, अक्षत चढ़ाएं। प्रसाद के रूप में भगवान शिव को घी शक्कर का भोग लगाएं। धूप, दीप से गणेश जी की आरती करें। अंत में भगवान शिव की आरती करें और प्रसाद का वितरण करें। शाम को पूजा के बाद व्रत खोलकर सात्विक भोजन ग्रहण करें।
भगवान भोले भंडारी को बिल्व पत्र बहुत ही प्रिय होता है। मान्यता है जो भी शिवलिंग पर नियमित रूप से बिल्व पत्र चढ़ाता है उसकी हर तरह की मनोकामना पूरी होती है। इसके अलावा भगवान शिव को शमी के पत्ते पसंद होते हैं इसलिए सावन के हर दिन शिवलिंग पर शमी के पत्ते जरूर चढ़ाएं। भगवान शिव का दूध और गंगाजल से अभिषेक करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। #शुभ कामनाएँ 🙏
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