sn vyas
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#रामचरितमानस #🌺 श्री रामचरितमानस चौपाई 🌺 #श्री रामचरितमानस पाठ 🕉️ #रामचरितमानस चौपाई
🌺संत तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में नाम जप की महिमा बताते हुए लिखा है:
🌺 कलियुग केवल नाम अधारा। सुमिरि सुमिरि नर उतरहिं पारा॥🌺संत कबीरदास और 'राम नाम' का दुर्लभ प्रभाव
एक बार संत कबीरदास जी के आश्रम में एक व्यक्ति आया, जो जीवन की असफलताओं और अपनी पुरानी भूलों के कारण बहुत दुखी था। उसने कबीर जी से कहा, "महाराज! मैंने जीवन में बहुत गलतियाँ की हैं। क्या मुझ जैसे साधारण और पापी व्यक्ति के लिए भी परमात्मा की प्राप्ति संभव है?"
🌺कबीर जी ने मुस्कुराते हुए उसे नदी किनारे चलने को कहा। नदी तट पर पहुँचकर कबीर जी ने उससे कहा, "इस जल में एक छोटा सा पत्थर फेंको।" व्यक्ति ने पत्थर फेंका, जो तुरंत डूब गया।
🌺कबीर जी ने कहा, "यह पत्थर भारी था, इसलिए पानी में डूब गया। ठीक इसी तरह मनुष्य अपने पापों और चिंता के बोझ से संसार-सागर में डूब जाता है। लेकिन यदि इस पत्थर पर परमात्मा का नाम अंकित कर दिया जाए, तो यह तैर भी सकता है—जैसे श्रीराम सेतु 🌺के पत्थर तर गए थे।"🌺
🌺कबीर जी ने समझाया कि जब मन निरंतर नाम जप 🌺परमात्मा के नाम का निरंतर स्मरण) में लीन हो जाता है, तो अहंकार और पापों का भारीपन मिट जाता है। नाम जप में वह सामर्थ्य है जो दुर्लभ से दुर्लभ परमात्मा को भी भक्त के अति निकट ला देता है। वह व्यक्ति कबीर जी की बात समझ गया और उसने उसी क्षण से नाम जप को अपने जीवन का आधार बना लिया।
🌺परमात्मा नमः 🌺
दोहा
🌺 नाम जपत मिट जाहिं सब, जन्म-जन्म के पाप।
🌺परमात्मा नमः सुमिरत, मिटै त्रिबिध संताप॥
🌺अर्थ: परमात्मा का नाम जपने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और 'परमात्मा नमः' के सुमिरन से जीवन के तीनों ताप—दैहिक, दैविक और भौतिक कष्ट दूर होते हैं।)
दोहा
🌺 दुर्लभ दरस न जीव को, जो नामहि लेत समाइ।
🌺'परमात्मा नमः' हृदय बसे, आपहिं आप लखाइ॥
🌺अर्थ: जिस जीव का मन परमात्मा के नाम में पूरी तरह लीन हो जाता है, उसके लिए परमात्मा का दर्शन दुर्लभ नहीं रह जाता। जब हृदय में 'परमात्मा नमः' का वास होता है, तो परमात्मा स्वतः ही प्रकट हो जाते हैं।)
दोहा
🌺सुमिरन करिये प्रेम से, छोड़ि सकल प्रपंच।
🌺परमात्मा नमः जाप से, रहे न संशय रंच॥
🌺अर्थ: दुनिया के तमाम छल-प्रपंच छोड़कर केवल सच्चे प्रेम से नाम जप कीजिए। 'परमात्मा नमः' के निरंतर जाप से मन का छोटे से छोटा संशय भी सदा के लिए समाप्त हो जाता है।🌺
🌺जय जय श्री सीता राम जी 🙏🌺
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