Mahendra Narayan
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समय समन्दर समय नदी है ।
समय गगन तो समय जमी है ॥
समय वतन है समय जहां है ।
समय नही फिर कौन कहाँ है ॥
जीव समय सब नर आधारा I
साँसें जीवन रिश्ता सारा ॥
सृष्टि प्रकृति सब समय समाए ।
देव समय सब रूप बनाए ॥
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