🌸 श्रावण मास महात्म्य (अध्याय ४): गणिका सुगंधा का उद्धार और एक लाख बत्तियों वाले 'रुद्र वर्ति व्रत' का चमत्कार! ✨🔱 श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना के कई विशेष व्रत हैं। स्कंद पुराण के ईश्वर-सनत्कुमार संवाद के चौथे अध्याय में 'धारणा-पारणा व्रत' और 'रुद्र वर्ति व्रत' की अद्भुत महिमा बताई गई है, जिसने उज्जयिनी की एक भटकी हुई स्त्री का जीवन बदल दिया। आइए जानते हैं: 🔱 श्रावण मास के प्रमुख व्रत: धारणा-पारणा व्रत: इसमें एक दिन उपवास (धारणा) और दूसरे दिन भोजन (पारणा) किया जाता है। इसके विधिवत उद्यापन से ब्रह्महत्या जैसे महापाप भी नष्ट हो जाते हैं। मासोपवास व्रत: श्रावण के पूरे महीने अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखकर शिव आराधना करने से भगवान आशुतोष की विशेष कृपा प्राप्त होती है। रुद्र वर्ति व्रत (एक लाख बत्तियों का दीपदान): कपास के 11 तंतुओं (धागों) से बत्तियां बनाकर, घी में डुबोकर पूरे श्रावण मास में भगवान शिव को एक लाख बत्तियां अर्पित की जाती हैं। यह व्रत सभी सिद्धियां और परम पद प्रदान करने वाला है। ✨ वेश्या सुगंधा के उद्धार की अद्भुत कथा क्षिप्रा नदी के तट पर बसी उज्जयिनी नगरी में सुगंधा नाम की एक अत्यंत रूपवान लेकिन लालची गणिका (वेश्या) रहती थी। उसने अपने रूप के जाल में फंसाकर कई युवाओं, राजाओं और ब्राह्मणों का धन लूटा और उन्हें भ्रष्ट किया। एक दिन वह क्षिप्रा नदी के तट पर विहार करने गई। वहां उसने तपस्या में लीन महर्षि वशिष्ठ जी को देखा। मुनि के दिव्य दर्शन मात्र से उसकी बुद्धि शुद्ध हो गई और उसे अपने पापों पर घोर पश्चाताप होने लगा। रोते हुए उसने महर्षि से अपने पापों के प्रायश्चित का उपाय पूछा। 🙏 महर्षि वशिष्ठ का मार्गदर्शन और शिवलोक की प्राप्ति दीनवत्सल महर्षि वशिष्ठ ने उसे तीनों लोकों में विख्यात काशी (वाराणसी) जाने का आदेश दिया। उन्होंने सुगंधा को काशी जाकर शिव को अत्यंत प्रिय 'रुद्र वर्ति व्रत' करने को कहा। मुनि की आज्ञा मानकर सुगंधा काशी गई और पूरे विधि-विधान से एक लाख दीप बत्तियों का यह महाव्रत संपन्न किया। व्रत के पूर्ण होते ही चमत्कार हुआ! उस परम दुर्लभ व्रत के प्रभाव से सुगंधा सशरीर भगवान शिव के शिवलिंग में विलीन हो गई और उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई। 🌸 उद्यापन का विधान: इस व्रत की पूर्णता के लिए चांदी के नंदी पर विराजमान स्वर्ण निर्मित शिव-पार्वती की कलश पर स्थापना की जाती है। रात्रि जागरण, रुद्रसूक्त से हवन और 11 ब्राह्मणों को भोजन कराने से सहस्र अश्वमेध यज्ञों का फल प्राप्त होता है। जो भी भक्त इस कथा का श्रवण करता है, भगवान शिव उसके सभी पाप नष्ट कर देते हैं। अगर आपको यह पौराणिक कथा पसंद आई हो, तो कमेंट में 'हर हर महादेव' अवश्य लिखें और धर्म लाभ के लिए इस पोस्ट को अपने मित्रों और परिजनों के साथ शेयर करें। 🙏 ।। ॐ नमः शिवाय ।। ।। हर हर महादेव ।। . !! जय जय श्री महाकाल !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🪔सावन का पवित्र महीना 🙏 #🙏शिव पार्वती #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🔱बम बम भोले🙏 #🔱शिवपुराण कथा📖 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
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