Newsgenix
519 views 5 hours ago
#🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि बच्चों पर किसी तरह का दबाव नहीं पड़ना चाहिए। कोर्ट ने CBSE की उस नीति से जुड़ी समस्याओं का समाधान खोजने पर जोर दिया, जिसके तहत 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना जरूरी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी.मोहना की बेंच ने कहा कि नीति को लागू करने में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन याचिकाकर्ताओं की चिंता इसे लागू करने के तरीके को लेकर थी। इसमें कोई शक नहीं कि इसे कभी न कभी लागू करना ही है बेंच ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा, आप इनमें से कुछ समस्याओं पर फिर से विचार कर सकते हैं। इसमें कोई शक नहीं कि इसे कभी न कभी लागू करना ही है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन इसे कैसे सुव्यवस्थित किया जाए ताकि जो भी रुकावटें या बाधाएं आ रही हैं, उनका समाधान निकाला जा सके। पर्याप्त मानव संसाधन बुनियादी ढांचा कैसे तैयार किया जाए बेंच ने कहा कि एक पहलू जिस पर विचार करने की जरूरत है, वह यह है कि उपलब्ध भाषा विकल्पों के संबंध में पर्याप्त मानव संसाधन बुनियादी ढांचा कैसे तैयार किया जाए। बेंच ने कहा, अगर आपने कक्षा 6 को शुरुआती बिंदु के तौर पर चुना है, तो आप इस साल कक्षा 6 के छात्रों को कुछ राहत देने पर विचार कर सकते हैं। आप इसे अगले साल से लागू कर सकते हैं। बेंच ने कहा, एक और बात जिस पर ध्यान देने की जरूरत है, वह यह है कि सीमा कहां तय की जाए। चाहे वह कक्षा 6 हो, कक्षा 4 हो या कक्षा 3, आप पाठ्यक्रम और इस बात के आधार पर फैसला ले सकते हैं कि दो और तीन भाषाओं के बीच चुनाव की शुरुआत कहां से होती है। क्या हम अंग्रेजी को अपनी भाषा मानते हैं या विदेशी भाषा कोर्ट ने कहा कि एक चिंता यह भी है कि क्या हम अंग्रेजी को अपनी भाषा मानते हैं या विदेशी भाषा। बेंच ने भाटी से कहा, भारत सरकार के तौर पर आपको यह भी देखना होगा कि CBSE के अलावा दूसरे बोर्ड में क्या हो रहा है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि नीति को सही ढंग से लागू किया जाए। भाटी ने कहा कि वह सुझावों पर निर्देश लेंगी और कोर्ट को जानकारी देंगी। हम नहीं चाहते कि बच्चे किसी दबाव में आएं चीफ जस्टिस ने कहा, हम नहीं चाहते कि बच्चे किसी दबाव में आएं। सुप्रीम कोर्ट उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था जिनमें CBSE की उस पॉलिसी को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत 1 जुलाई से क्लास 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना जरूरी है। इनमें दो भारतीय भाषाएं शामिल हैं। #SupremeCourt #CBSE #Newsgenix
11 shares

More like this