sn vyas
537 views 2 days ago
#श्री गणेशाय नमः #शुभ बुधवार *ॐ गं गणपतये नमः🙏🏻🚩* `जय श्री गणेश` `जय श्री हरिहर` `आज श्रावण माह का बुधवार है । विघ्नहर्ता स्वयं अपना स्वरूप बता रहे हैं ।` *गणेश गीता –* `🪶देवाभेद का प्रत्यक्ष प्रमाण` *" शिवे विष्णौ च शक्तौ च सूर्ये मयि याऽभेदबुद्धिः स सम्यग्योगः "* `१. मैं ही सर्वस्व हूँ` [ `श्रीगणेशपुराण , क्रीडाखण्ड १४०.८-८९ एवं गणेशगीता ३.८-९` ] *अहमेव परो ब्रह्मा महारुद्रोऽहमेव च ।* *अहमेव जगत्सर्वं स्थावरं जङ्गमं च यत् ॥८॥* *अजोऽव्ययोऽहं भूतात्मानादिरीश्वर एव च ।* *आस्थाय त्रिगुणां मायां भवामि बहुयोनिषु ॥९॥* `अर्थात 👉🏻 भगवान श्रीगणपति कहते हैं – "मैं ही श्रेष्ठ ब्रह्मा हूँ , मैं ही महारुद्र हूँ, मैं ही स्थावर-जंगमरूप सम्पूर्ण जगत् हूँ ॥ मैं अजन्मा , अविनाशी तथा सभी जीवोंका आत्मा , अनादि ईश्वर हूँ औऱ त्रिगुणात्मक मायामें स्थित होकर मैं ही अनेक योनियों में अवतार धारण करता हूँ ॥"` `२. अभेद बुद्धि ही सच्चा योग है` [ `श्रीगणेशपुराण , क्रीडाखण्ड १३८.२१-२४ तथा गणेशगीता १.२१-२४` ] *शिवे विष्णौ च शक्तौ च सूर्ये मयि नराधिप ।* *याऽभेदबुद्धिर्योगः स सम्यग्योगो मतो मम ॥२१॥* *अहमेव जगद्यस्मात्सृजामि पालयामि च ।* *कृत्वा नानाविधं वेषं संहरामि स्वलीलया ॥२२॥* *अहमेव महाविष्णुरहमेव सदाशिवः ।* *अहमेव महाशक्तिरहमेवार्यमा प्रिय ॥२३॥* *अहमेको नृणां नाथो जातः पञ्चविधः पुरा ।* *अज्ञानान्मां न जानन्ति जगत्कारणकारणम् ॥२४॥* `अर्थात 👉🏻 "हे राजन् ! शिव , विष्णु , शक्ति , सूर्य एवं मुझमें जो अभेदबुद्धिरूप योग है , उसीको मैं यथार्थ योग मानता हूँ ॥२१॥ मैं ही अपनी लीलासे अनेक वेष धारण करता हुआ इस जगत् की उत्पत्ति , पालन तथा संहार करता हूँ ॥२२॥ हे प्रिय ! मैं ही महाविष्णु , मैं ही सदाशिव , मैं ही महाशक्ति औऱ मैं ही सूर्य हूँ ॥२३॥ एकमात्र मैं ही मनुष्योंका स्वामी हूँ । ( विष्णु , शिव , शक्ति , सूर्य व गणेश– ) इन पाँच प्रकारसे मैं पूर्वकालमें अभिव्यक्त हुआ हूँ । मैं जगत् के कारणका भी कारण हूँ , मुझको अज्ञानीलोग नहीं जानते ॥२४॥"` `३. सनातनधर्म का सार` *एको देवः पञ्चधा* `☝🏻 एक ही परमात्मा ५ स्वरूप में प्रकट ।` *नाम भिन्न* `👉🏻 गणेश , विष्णु , शिव , शक्ति , तथा सूर्य` *👉🏻 तत्त्व एक* `☝🏻अहमेव सर्वम्` `भेद 👉🏻 अज्ञान` | `अभेद 👉🏻 ज्ञान 👉🏻 मोक्ष` `इष्टदेव में ही पंचदेव देखो । वही सच्ची पूजा है ।` *बुधवार का आदेश –* `विघ्नहर्ता` की शरण लो । वे स्वयं कहते हैं `☝🏻 मैं ही सब हूँ ।` `ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात्` `जय श्री गणेश🙏🏻` `जय श्री हरिहर🙏🏻` `ॐ नमः शिवाय🙏🏻` `ॐ नमो नारायणाय🙏🏻` `जय जय शङ्कर🚩` `हर हर शङ्कर🚩` `© सर्वाधिकार सुरक्षित । सर्वज्ञ शङ्कर🚩 चैनल` `🌄🌆 प्रभात वन्दन 🌆🌄` `#सर्वज्ञशङ्कर` `#प्रभातवंदन` `#गणेशगीता` `#श्रीगणेशपुराण` `#देवाभेद` `#पंचदेव` `#एकत्व` `#श्रावणबुधवार` `#श्लोक_प्रमाण`
25 likes
13 shares

More like this