Lakshmi
618 views 15 hours ago
क्या भोपाल का लिक्विड ट्री शहरों में स्वच्छ हवा की नई उम्मीद बन सकता है? रिपोर्ट्स के मुताबिक, भोपाल में स्थापित यह लिक्विड ट्री बड़े कांच के टैंक जैसा दिखाई देता है, जिसमें माइक्रो एल्गी यानी सूक्ष्म शैवाल मौजूद हैं। ये प्रकाश संश्लेषण के जरिए कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने और ऑक्सीजन छोड़ने में मदद करते हैं। ऐसी तकनीक उन जगहों के लिए उपयोगी विकल्प मानी जा सकती है, जहां पेड़ लगाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। हालांकि, लिक्विड ट्री पारंपरिक पेड़ों का पूरी तरह विकल्प नहीं है। असली पेड़ छाया, जैव विविधता और मिट्टी के संरक्षण जैसे कई लाभ देते हैं। इसलिए शहरों में ऐसी तकनीक के साथ अधिक पेड़ लगाना और हरित क्षेत्र बचाना, दोनों पर ध्यान देना जरूरी है। #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
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