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- Aditya Chaurasiya#👍All The Best #🌙 गुड नाईट #✨गुड नाईट शायरी #🌃 तारों संग शुभ रात्रि ✨ #Good night Good night Good night Good night Good night Good night Good night Good night Good night-5619
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- सुशील मेहताशुभ सोमवार #शुभ कामनाएँ 🙏2111
- सुशील मेहताकजरी तीज कजरी तीज, जिसे कजली तीज भी कहा जाता है, भादो मास में कृष्ण पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह तिथि जुलाई या अगस्त के महीने में आती है। कजरी तीज मुख्यत: महिलाओं का पर्व है। यह त्यौहार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार समेत हिंदी भाषी क्षेत्रों में प्रमुखता से मनाया जाता है। इनमें से कई इलाकों में कजरी तीज को बूढ़ी तीज व सातूड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। हरियाली तीज, हरतालिका तीज की तरह कजरी तीज भी सुहागन महिलाओं के लिए अहम पर्व है। वैवाहिक जीवन की सुख और समृद्धि के लिए यह व्रत किया जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु की कामना के लिए व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कुंवारी कन्याओं के लिए भी यह व्रत उत्तम माना जाता है। कहते हैं कि इस व्रत के प्रभाव से कन्याओं को सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही भगवान शंकर की कृपा से वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर हो जाती हैं। कजरी तीज का करवाचौथ से काफी मिलता जुलता है। इसमें पूरे दिन व्रत रखते हैं और शाम को चंद्रोदय के बाद व्रत खोला जाता है। कजरी तीज के दिन जौ, गेहूं, चने और चावल के सत्तू में घी और मेवा मिलाकर तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। चंद्रोदय के बाद भोजन करके व्रत तोड़ा जाता है। #शुभ कामनाएँ 🙏2723
- ruli verma#💕 प्यार भरी शुभकामनाएं #👍All The Best #🙏प्रातः वंदन #☕ सुबह की चाय #🌅 सूर्योदय शुभकामनाएं22085
- सुशील मेहताहेरम्ब संकष्टी चतुर्थीहेरम्बा संकष्टी चतुर्थी के दिन गणेश जी की पूजा करन से व्यक्ति को हर तरह के दुखों से छुटकारा मिल सकता है। इसके साथ ही सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। हर मास के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा करने के साथ व्रत रखने का विधान है। ऐसे ही भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन हेरम्बा संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जा रहा है। बता दें कि हेरम्बा भगवान गणेश का ही एक स्वरूप है। हेरम्बा संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के 32 स्वरूपों में से एक हेरम्बा की पूजा करने का विधान है। हेरम्बा भगवान के पांच मुख और दस हाथ है। एक हाथ वरदान की मुद्रा पर है और दूसरा में मोदक है। इसके साथ ही बचे हुए आठ हाथ क्रमश:फंदा,अंकुश, माला, दूर्वा, फल, माला, कुल्हाड़ी आदि लिए हुए हैं। इन्हें दुर्बलों का रक्षक माना जाता है। हेरम्बा संकष्टी चतुर्थी के दिन भक्त सूर्योदय के समय उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें इसके बाद साफ वस्त्र धारण कर लें। सुबह के समय भगवान गणेश की विधिवत पूजा कर लें और दिनभर व्रत रखें। शाम के समय भगवान गणेश की विधिवत पूजा करें। उन्हें फूलों और दूर्वा से सजाएं। इसके साथ ही उन्हें फूल, माला, सिंदूर, अक्षत आदि अर्पित करने के बाद भोग में मोदक चढ़ाएं। इसके बाद घी की दीपक और धूप जलाकर गणेश मंत्र, गणेश चालीसा के साथ गणेश अष्टोत्र और संकटनाशन स्तोत्र’ का पाठ कर लें। अंत में विधिवत आरती कर लें। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य देने के साथ अपने व्रत को खोल लें। #शुभ कामनाएँ 🙏1018
- Sharma ji..#👍All The Best #🌞गुड मॉर्निंग☕🌞 #😇प्रेरणा संग शुभकामना #❤️शुभकामना सन्देश #GoodMorning🌻🌹559262
- Nitya#👍All The Best #🌞गुड मॉर्निंग☕🌞 #💕दिल वाली शुभकामनाएं #🌞सुप्रभात सन्देश #❤️शुभकामना सन्देश196
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