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- सुशील मेहताशुभ सोमवार #शुभ कामनाएँ 🙏2111
- सुशील मेहताकजरी तीज कजरी तीज, जिसे कजली तीज भी कहा जाता है, भादो मास में कृष्ण पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह तिथि जुलाई या अगस्त के महीने में आती है। कजरी तीज मुख्यत: महिलाओं का पर्व है। यह त्यौहार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार समेत हिंदी भाषी क्षेत्रों में प्रमुखता से मनाया जाता है। इनमें से कई इलाकों में कजरी तीज को बूढ़ी तीज व सातूड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। हरियाली तीज, हरतालिका तीज की तरह कजरी तीज भी सुहागन महिलाओं के लिए अहम पर्व है। वैवाहिक जीवन की सुख और समृद्धि के लिए यह व्रत किया जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु की कामना के लिए व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, कुंवारी कन्याओं के लिए भी यह व्रत उत्तम माना जाता है। कहते हैं कि इस व्रत के प्रभाव से कन्याओं को सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही भगवान शंकर की कृपा से वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर हो जाती हैं। कजरी तीज का करवाचौथ से काफी मिलता जुलता है। इसमें पूरे दिन व्रत रखते हैं और शाम को चंद्रोदय के बाद व्रत खोला जाता है। कजरी तीज के दिन जौ, गेहूं, चने और चावल के सत्तू में घी और मेवा मिलाकर तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। चंद्रोदय के बाद भोजन करके व्रत तोड़ा जाता है। #शुभ कामनाएँ 🙏2723
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- सुशील मेहताहेरम्ब संकष्टी चतुर्थीहेरम्बा संकष्टी चतुर्थी के दिन गणेश जी की पूजा करन से व्यक्ति को हर तरह के दुखों से छुटकारा मिल सकता है। इसके साथ ही सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। हर मास के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा करने के साथ व्रत रखने का विधान है। ऐसे ही भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन हेरम्बा संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जा रहा है। बता दें कि हेरम्बा भगवान गणेश का ही एक स्वरूप है। हेरम्बा संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के 32 स्वरूपों में से एक हेरम्बा की पूजा करने का विधान है। हेरम्बा भगवान के पांच मुख और दस हाथ है। एक हाथ वरदान की मुद्रा पर है और दूसरा में मोदक है। इसके साथ ही बचे हुए आठ हाथ क्रमश:फंदा,अंकुश, माला, दूर्वा, फल, माला, कुल्हाड़ी आदि लिए हुए हैं। इन्हें दुर्बलों का रक्षक माना जाता है। हेरम्बा संकष्टी चतुर्थी के दिन भक्त सूर्योदय के समय उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें इसके बाद साफ वस्त्र धारण कर लें। सुबह के समय भगवान गणेश की विधिवत पूजा कर लें और दिनभर व्रत रखें। शाम के समय भगवान गणेश की विधिवत पूजा करें। उन्हें फूलों और दूर्वा से सजाएं। इसके साथ ही उन्हें फूल, माला, सिंदूर, अक्षत आदि अर्पित करने के बाद भोग में मोदक चढ़ाएं। इसके बाद घी की दीपक और धूप जलाकर गणेश मंत्र, गणेश चालीसा के साथ गणेश अष्टोत्र और संकटनाशन स्तोत्र’ का पाठ कर लें। अंत में विधिवत आरती कर लें। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य देने के साथ अपने व्रत को खोल लें। #शुभ कामनाएँ 🙏1018
- Sharma ji..#👍All The Best #🌞गुड मॉर्निंग☕🌞 #😇प्रेरणा संग शुभकामना #❤️शुभकामना सन्देश #GoodMorning🌻🌹559262
- Nitya#👍All The Best #🌞गुड मॉर्निंग☕🌞 #💕दिल वाली शुभकामनाएं #🌞सुप्रभात सन्देश #❤️शुभकामना सन्देश196
- सुशील मेहताहरियाली तीज हरियाली तीज हिन्दूओं का एक प्रसिद्ध त्योहार है यह त्योहार श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। इस दिन हिन्दू महिलाएँ उपवास रखती है। उत्तरी भारत के सब नगरों में विशेष रूप से मनाया जाता है। घर-घर में झूले पड़ते हैं। नारियों के समूह लोक गीत गाती है। सावन में सुन्दर से सुन्दर पकवान, गुँजिया, घेवर, फैनी आदि बेटियों को सिंधारा भेजा जाता है। इस तीज पर मेंहदी लगाने को विशेष महत्त्व है। स्त्रियाँ पैरों आलता भी लगाती हैं जो सुहाग का चिन्ह माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि शिव और पार्वती का इस दिन पुनर्मिलन हुंआ था। इस दिन हिन्दू महिलाएँ भगवान शिव और पार्वती कीपूजा करती है। इस दिन को छोटी तीज व श्रावण तीज के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी कहा जाता है कि भगवान शिव ने देवी पार्वती जी के कहने पर यह आर्शीवाद दिया कि जो कुंवारी कन्या इस व्रत को रखेगी तो उसके विवाह में आने वाली बाधायें दूर होगी। इस दिन भगवान शिव ने देवी पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार करने का वरदान दिया था। इस दिन महिलायें उपवास रखती है और हरियाली तीज की कथा सुनती है। भगवान शिव व पार्वती की पूजा करती है। विवाहित महिलायें यह व्रत इसलिए करती है उनके पति की आयु लम्बी हो और उनका परिवार में सुखों की वृद्धि हों। भगवान शिव ने पार्वती जी से कहा कि इस व्रत को जो भी स्त्री पूर्ण श्रद्धा से करेंगी उसे तुम्हारी तरह अचल सुहाग प्राप्त होगा। #शुभ कामनाएँ 🙏1515