sn vyas
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#🌺🌺श्रीनाथ जी ✨यमुना महारानी 🌺🌺
श्री यमुनाजी के बारे में जानने योग्य उद्धरण
(०१) श्रीयमुनाष्टक श्रीमहाप्रभुजी द्वारा बनाया गया है।
(०२) यमुनाष्टक बनाम। एस. १५४९ श्रावण सुद - ३ तीसरी को ठकुराणी ने लिखा।
(०१) श्री यमुनाजी का प्राकट्य चैत्र सुद-1 गुरुवार को।
(०१)स्वामिनीजी के सम्मान के अवसर पर मुकुट कचनी का श्रृंगार किया गया है।
(०१) यमुनाजी की माता का नाम संज्ञा है।
( ०६) यमुनाजी के पिता का नाम आदिदेविक आदि सूर्यनारायण है।
( ०७) यमुनाजी के भाई का नाम यमराज है।
( ०८) यमुनाजी के चचेरे भाई का नाम तापी है।
( ०९) यमुनाजी के चचेरे भाई का नाम शनि है।
(१०) श्रीयमुनाजी का अर्थ भक्ति की रानी है।
( ११) श्रीयामुनाजी प्रभु के प्यारे में है।
(१३) श्रीयमुनाजी भक्तों के अंत:करण को पूर्ण करने का काम करते हैं।
(1)मुकुंद भगवान में रति,प्रेम,भगवद् के भाव श्रीयमुनाजी बढाते हैं।
(०१) श्री यमुनाजी का तरल रूप श्रीजारीजी में है।
(०१) श्री ठाकोरजी को प्रसन्न करने के लिए श्रीमूनाजी की स्तुति करना।
(०१) श्रीयमुनाजी का पाठ करने से शरीर की शुद्धि, सेवा का अधिकार तथा नव दिव्य शरीर की प्राप्ति तथा प्रभु का स्नेह।
(०१)पुष्टिलीला में श्री यमुनाजी श्री ठाकोरजी की चौथी स्वामिनी है।
( १८) श्री यमुनाजी का जल भौतिक जल नहीं है। ये श्रीठाकोरजी की चौथी स्वामिनी है।
(०१) श्री यमुनाजी का नाम श्रीठाकोरजी को प्रसन्न करने और पाने के उद्देश्य से प्रसन्न होना है, किसी और से प्रसन्न होना नहीं।
(२०) श्री यमुनाजी में भी भगवान के छह दिव्य गुण हैं। ऐश्वर्या, वीर, यश, श्री, ज्ञान और वैराग्य।
(२३) श्रीयमुनाजी की महिमा जानने के लिए उनका नाम, प्रकटी, रूप, हरा, गुण जानना आवश्यक है।
(२२) जो श्रीयमुनाजी के गुण गाये, उन्हें श्री ठाकोरजी के द्वारा दिया गया है।
(२३) श्रीयमुना में निश्चित बिना जीवन असंभव है।
(२३) श्रीयमुनाजी के 5 पदों का रहस्य, व्यर्थ मूल्य पर, शुद्ध बुद्धि और दृढ़ विश्वास से, यदि आप गायन करते हैं, तो चरण-दर-चरण भागवत मूल्य का दान प्राप्त होता है।
(२३) श्रीठाकोरजी ने पुष्टि स्वीकार करने और भक्ति दान करने के लिए अपना सर्वोच्च स्वरूप प्रकट किया अर्थात श्रीयमुनामाहारानीजी है।
(२३) श्री ठाकोरजी श्रीयमुनाजी श्री के नाम पर है।
(२३) श्री यमुनाजी हमारा जीवन हमारा धन हमारा जीवन हमारा सब कुछ है।
(२३) श्री यमुनाजी का नाम स्मरण कर उनका मन से सेवन करना आवश्यक है।
(२३) जमुना का पानी पानी नहीं, ब्याज है।
(१०) श्री यमुनाजी ही है जो हमारा हाथ पकड़ कर हमें प्रभु तक ले जाते हैं।
श्यामसुन्दर श्री यमुने महारानी की जय,
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