Jan-Kranti hindi news bulletin
498 views 3 days ago AI indicator
जर्दा मंडी में बेखौफ कारोबार, सरकारी राजस्व पर बड़ा सवाल! जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट गुदरी बाजार में करोड़ों की खरीद-बिक्री का आरोप, बिना बिल माल की आवक-जावक से टैक्स व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल समस्तीपुर,बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क 17 अगस्त, 2026)।समस्तीपुर शहर के गुदरी बाजार में संचालित जर्दा मंडी में बड़े पैमाने पर हो रही खरीद-बिक्री को लेकर सरकारी राजस्व व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि जर्दा, गुटखा एवं इससे जुड़े अन्य तंबाकू उत्पादों का कारोबार कथित तौर पर बिना बिल के किया जा रहा है। यदि इन दुकानों की वास्तविक खरीद-बिक्री और माल की आवक-जावक की निष्पक्ष जांच की जाए तो सरकारी खजाने में बड़ी राशि के राजस्व की प्राप्ति हो सकती है। बताया जा रहा है कि मंडी में प्रतिदिन लाखों रुपये के माल की खरीद-बिक्री होती है। आरोप यह भी है कि कई मामलों में माल बिना वैध बिल के पहुंचता है और आगे भी बिना बिल के ही बिक्री कर दी जाती है। ऐसे में कारोबार का वास्तविक टर्नओवर सरकारी रिकॉर्ड में कितना दर्ज हो रहा है, यह जांच का विषय है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि प्रतिदिन लाखों रुपये का कारोबार हो रहा है तो उस अनुपात में सरकारी राजस्व की प्राप्ति कितनी हो रही है..? क्या संबंधित विभाग के पास इन कारोबारियों की खरीद-बिक्री और स्टॉक का पूरा हिसाब उपलब्ध है.? यदि नहीं, तो इसके पीछे की वजह क्या है.? जांच हो तो सामने आ सकता है बड़ा राजस्व अंतर जर्दा मंडी की दुकानों के खरीद-बिक्री रजिस्टर, स्टॉक, बिल-बुक, ई-वे बिल, आपूर्ति स्रोत और बैंक लेन-देन सहित अन्य कारोबारी दस्तावेजों की जांच की जाए तो वास्तविक कारोबार और घोषित कारोबार के बीच अंतर का पता लगाया जा सकता है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट हो सकता है कि कहीं बिना बिल के कारोबार के माध्यम से सरकारी राजस्व को नुकसान तो नहीं पहुंचाया जा रहा है। विभागीय कार्रवाई पर भी निगाह बिना बिल कारोबार की शिकायत यदि सही पाई जाती है तो संबंधित कर एवं वाणिज्यिक कर विभाग को पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। कारोबारियों के स्टॉक और खरीद-बिक्री का भौतिक सत्यापन होने से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि छोटे-बड़े सभी कारोबारियों के रिकॉर्ड की नियमित जांच हो और बिना बिल के कारोबार पर प्रभावी रोक लगे तो सरकार को राजस्व के रूप में लाखों रुपये की अतिरिक्त प्राप्ति हो सकती है। अब सवाल यह है कि गुदरी बाजार की जर्दा मंडी में होने वाले इस कथित बड़े कारोबार की विभागीय जांच कब होगी और जांच में सरकारी राजस्व का वास्तविक आंकड़ा कितना सामने आएगा.? समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित। #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🆕 ताजा अपडेट #samastipur #moj_content
13 shares

More like this