Mahendra Narayan
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डोरी बाँधे प्रेम की, मन में भर विश्वास I
भाई से करती बहन ,जब रक्षा की आस ॥
जब रक्षा की आस ,करे बस स्नेही आशा ।
है राखी की ख़ास , यहीं स्नेहिल परिभाषा ॥
माथे टीका लाज, कभी हो भाग न चोरी ।
मधुर मिठाई साथ, हाथ में राखी डोरी ॥
सभी को रक्षाबन्धन की हार्दिक शुभकामनाएँ ! #❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #कविता #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #📚कविता-कहानी संग्रह
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