Jagdish Sharma
582 views 1 days ago
।। ॐ ।। ये तु धर्मामृतमिदं यथोक्तं पर्युपासते। श्रद्दधाना मत्परमा भक्तास्तेऽतीव मे प्रियाः॥ जो मेरे परायण हुए हार्दिक श्रद्धायुक्त पुरुष इस उपर्युक्त धर्ममय अमृत का भली प्रकार सेवन करते हैं, वे भक्त मुझे अतिशय प्रिय हैं। #🧘सदगुरु जी🙏 #❤️जीवन की सीख #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #यथार्थ गीता "यथार्थ गीता" धर्मशास्त्र के प्रणेता विश्वगुरू परमहंस स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी महाराज
9 shares

More like this