Wallet Install
Home
Explore
Wallet
Video
Profile
Trends
English
सुशील मेहता - Author on ShareChat
सुशील मेहता
478 views • 3 days ago
#✒ शायरी
ঠাড়াল बीता जो मेरे साथ वो সড়ং तो देखिए अपनों की आस्तीन में ख़ंज़र तो देखिए कल तक जो मेरे साथ थे हमराह हम नवा बदले हैं किस तरह से वो तेवर तो देखिए कितने जतन से ख़ुद को बनाया था आईना में अब हसद के हाथों ; वो पत्थर तो देखिए जो सर झुके ही रहते थे कलतक अदब के साथ मगरूर कैसे आज हैं वो सर तो देखिए गज़ल समझे न समझे कोई है ये अनीस समझता दिल में फ़रेब उनके हैं अंदर तो देखिए गज़लकारः अनीस कुरैशी. ঠাড়াল बीता जो मेरे साथ वो সড়ং तो देखिए अपनों की आस्तीन में ख़ंज़र तो देखिए कल तक जो मेरे साथ थे हमराह हम नवा बदले हैं किस तरह से वो तेवर तो देखिए कितने जतन से ख़ुद को बनाया था आईना में अब हसद के हाथों ; वो पत्थर तो देखिए जो सर झुके ही रहते थे कलतक अदब के साथ मगरूर कैसे आज हैं वो सर तो देखिए गज़ल समझे न समझे कोई है ये अनीस समझता दिल में फ़रेब उनके हैं अंदर तो देखिए गज़लकारः अनीस कुरैशी.
11 likes
17 shares
Home
Explore
Wallet
Video