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#मन माधवको नेकु निहारहि
मन माधवको नेकु निहारहि - माधवको नेकु निहारहि। मन सुनु सथ, सदा रंककेधन ज्यों , छिननछिन प्रभुहिं सँभारहि। सोभा सील ग्यान गुन मंदिर, सुंदर, परम उदारहि। रंजन संत अखिल अघ गंजन , भंजन बिषय बिकारहि। जो बिनु जोग, जग्य , ब्रत, संयम गयो चहै भव पारहि। तौ जनि तुलसीदास निसि बासर हरिन्पद कमल बिसारहि। माधवको नेकु निहारहि। मन सुनु सथ, सदा रंककेधन ज्यों , छिननछिन प्रभुहिं सँभारहि। सोभा सील ग्यान गुन मंदिर, सुंदर, परम उदारहि। रंजन संत अखिल अघ गंजन , भंजन बिषय बिकारहि। जो बिनु जोग, जग्य , ब्रत, संयम गयो चहै भव पारहि। तौ जनि तुलसीदास निसि बासर हरिन्पद कमल बिसारहि। - ShareChat