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#🙏🏵️ गीता श्लोक 🌼🙏 #भगवत गीता श्लोक #श्रीमद्भागवत गीता के श्लोक ॐ #भगवद गीता के सभी श्लोक
🙏🏵️ गीता श्लोक 🌼🙏 - @9I61 सुखमात्यन्तिकं यत्तद्वुद्धिग्राह्यमतीन्द्रियम् ।वेत्ति  चैवायं स्थितश्चलति यत्र न নভে: || 21|| भाव - योग में चरम आनन्द की अवस्था को समाधि कहते हं ओर इसर्में स्थित मनुष्य परम सत्य के पथ से विचलित नहीं होता श्लोक- २१ अध्याय- ६ श्रीमर्भगनद्गीता  @9I61 सुखमात्यन्तिकं यत्तद्वुद्धिग्राह्यमतीन्द्रियम् ।वेत्ति  चैवायं स्थितश्चलति यत्र न নভে: || 21|| भाव - योग में चरम आनन्द की अवस्था को समाधि कहते हं ओर इसर्में स्थित मनुष्य परम सत्य के पथ से विचलित नहीं होता श्लोक- २१ अध्याय- ६ श्रीमर्भगनद्गीता - ShareChat