sn vyas
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#श्री गणेशाय नमः #श्री गणेश #शुभ बुधवार `संकटनाशनं गणेशस्तोत्रं🪔` `श्री गणेशाय नमः ।` `नारद उवाच ।` `प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम् ।` `भक्तावासं स्मरेन्नित्यं आयुःकामार्थसिद्धये ।` `प्रथमं वक्रतुण्डं च एकदन्तं द्वितीयकम् ।` `तृतीयं कृष्णपिंगाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम् ।` `लम्बोदरं पञ्चमं च षष्ठं विकटमेव च ।` `सप्तमं विघ्नराजं च धूम्रवर्णं तथाष्टमम् ।` `नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम् ।` `एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम् ।` `द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं यः पठेन्नरः ।` `न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरः प्रभुः ।` `विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् ।` `पुत्रार्थी लभते पुत्रान्मोक्षार्थी लभते गतिम् ।` `जपेत् गणपतिस्तोत्रं षडभिर्मासैः फलं लभेत् ।` `संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशयः ।` `अष्टभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वा यः समर्पयेत् । तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादतः ॥` `श्री नारदपुराणे संकटनाशनं गणेशस्तोत्र संपूर्णम् ॥` { `संकटनाशन गणेशस्तोत्र नारदपुराण से है एवं गणेशजी के १२ नामों का स्तोत्र कहलाता है , जोक अत्यंत प्रभावशाली माना गया है ।`} `🔱 १२ नामों का रहस्य 🔱` `उपरोक्त १२ नाम गणपति के १२ प्रमुख स्वरूप हैं । त्रिकाल संध्या में पाठ से विघ्न नष्ट होते हैं 👉🏻 """न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरः प्रभुः ।"""` `१. वक्रतुण्ड 👉🏻 टेढ़ी सूंड – कुटिलता को सीधा करने वाले ।` `२. एकदन्त 👉🏻 एक दाँत – त्याग का प्रतीक ।` `३. कृष्णपिंगाक्ष 👉🏻 काली-पीली आँखें – सूक्ष्म दृष्टि ।` `४. गजवक्त्र 👉🏻 हाथी मुख – बुद्धि एवं बल का प्रतीक ।` `५. लम्बोदर 👉🏻 बड़ा पेट – सब पचा लेना ।` `६. विकट 👉🏻 विकराल स्वरूप – दुष्ट का दमन ।` `७. विघ्नराज 👉🏻 विघ्नों के राजा – हटाएँ अथवा लगाएँ ।` `८. धूम्रवर्ण 👉🏻 धुएँ के रंग – माया से परे ।` `९. भालचन्द्र 👉🏻 मस्तक पर चंद्र – शीतलता का प्रतीक ।` `१०. विनायक 👉🏻 विशेष नायक – नेता ।` `११. गणपति 👉🏻 गणों के अधिपति/स्वामी ।` `१२. गजानन 👉🏻 गज/हाथी के समान मुखवाले ।` `🔱 आपके चित्र का संदेश 🔱` `गणेश जी का प्रत्येक अंग जीवन-सूत्र है`– `– बड़ा मस्तक 👉🏻 बड़ी सोच ।` `– छोटी आँखें 👉🏻 सूक्ष्म निरीक्षण ।` `– सूप जैसे कान 👉🏻 अच्छा सुनो तथा बुरा छान/त्याग दो ।` `– छोटा मुँह 👉🏻 कम बोलो ।` `– लंबी सूंड 👉🏻 Adaptability , प्रत्येक स्थिति से निकाल लो ।` `– एकदंत 👉🏻 त्याग से सृजन – महाभारत लेखन ।` `– बड़ा पेट 👉🏻 अच्छा-बुरा सब पचा जाओ – क्षमा करो ।` `– मूषक वाहन 👉🏻 इच्छाओं/अहंकार पर सवारी करो ।` `🔱 पाठ-विधि 🔱` `१. समय 👉🏻 ☆ब्रह्ममुहूर्त , ☆मध्याह्न , ☆संध्या – त्रिसंध्य पाठ उत्तम ।` `२. अवधि 👉🏻 ☆६ मास में फल , ☆१ वर्ष में सिद्धि – जैसा स्तोत्र में कहा गया ।` `३. संकल्प 👉🏻 ☆संकट-नाश , ☆विद्या , ☆धन , ☆पुत्र , ☆मोक्ष – जिस कामना से पढ़ेंगे ।` `४. नियम 👉🏻 ☆बुधवार , ☆चतुर्थी को विशेष फल । शुद्धता से पाठ करें ।` `🙇🏻‍♂️गणेश जी प्रथम पूज्य हैं । कोई भी शुभ कार्य इनके बिना आरम्भ नहीं होता –` `वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ ।` `निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥` `आप समस्तका दिवस गणेश-कृपा से निर्विघ्न हो 🪷` `जय श्री गणेश🙏🏻🚩` `हर हर महादेव🙏🏻🚩` `🌄🌄 प्रभात वन्दन 🌄🌄©®`
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