Ajay Sharma
550 views 3 months ago AI indicator
आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ।। जाके बल से गिरवर काँपे । रोग-दोष जाके निकट न झाँके ।। अंजनि पुत्र महा बलदाई । रोग-दोष संतन के प्रभु सदा सहाई॥ दे बीरा रघुनाथ पठाये। लंका जारि सिया सुधि लाये ॥ लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई ॥ लंका जारि असुर संहारे। सियाराम जी के काज सँवारे ॥ लक्ष्मण मुर्छित पड़े सकारे। आनि संजिवन प्राण उबारे ॥ पैठि पताल तोरि जम-कारे। अहिरावण की भुजा उखारे ॥ बायें भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे ॥ सुर नर मुनि आरती उतारें। जय जय जय हनुमान उचारें ॥ कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई ॥ जो हनुमानजी की आरती गावै। बसहिं बैकुंठ परम पद पावै ॥ 🪔🥭🌷🌹🌼🌞🍊☘️🌺🍎🌾🦚🌻🚩🥀 #🍓🌿🍓🍓 शुभ मंगलवार जय वीर बजरंग बली जय श्री राम भक्त हनुमान गुड मॉर्निंग फ्रेंड म🍓🍓🌿🍓
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