एस्ट्रो पं.रामपाल भट्ट
#💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 #🔯आज का राशिफल☀️ #🔯वास्तु दोष उपाय #🌟देखिए खास ज्योतिष उपाय
🌄श्री सनातन हिंदू पंचांग -03.09.2026🌄
✴️दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️
🕉️ शुभ गुरुवार - 🌞 - शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान्💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
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जन्मकुंडली कुंडली मिलान राशिरत्न वास्तुदोष
शिक्षा-नौकरी-आजीविका-विवाह-भाग्योन्नति
सटीक जानकारी🎖️प्रभावी समाधान
💥 वाट्स एप्प परामर्श सेवा उपलब्ध 💥
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____________आज विशेष___________
हिंदू धर्मानुसार गुरु शिष्य संबंध क्या है.? क्या है इसका महत्व,कौन दे सकता है गुरु मंत्र दीक्षा
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_________दैनिक पंचांग विवरण________
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आज दिनांक................….....03.9.2026
कलियुग संवत्............................. 5128
विक्रम संवत्.................. ............ 2083
शक संवत्.................................. 1948
संवत्सर.................................... श्री रौद्र
अयन........................................ दक्षिण
गोल.......................................... . उत्तर
ऋतु........................................... शरद
मास........................................ भाद्रपद
पक्ष............................................ कृष्ण
तिथि...... सप्तमी. रात्रि 2.26* तक / अष्टमी
वार......................................... .गुरुवार नक्षत्र.. कृतिका. रात्रि. 12.29* तक /रोहिणी
चंद्र राशि........ मेष. प्रातः 7.26 तक / वृषभ
योग........ व्याघात्. सायं. 6.32 तक / हर्षण
करण........... विष्टि(भद्रा) अपरा. 3.28 तक
करण.......... बव. रात्रि. 2.26* तक / बालव
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नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है
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-दैनिक सूर्योंदयास्त दिनमानादि पंचांग विवरण-
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सूर्योदय....................प्रातः 06.14.43 पर
सूर्यास्त....................सायं. 06.47.09 पर
दिनमान-घं.मि.से....................12.32.56
रात्रिमान-घं.मि.से. ................. 11.26.25
चंद्रास्त.................... .12.04.12 PM पर
चंद्रोदय.....................10.48.14 PM पर
राहुकाल.......अपरा. 2.05 से 3.39(अशुभ)
यमघंट........... प्रातः 6.14 से 7.48(त्याज्य)
गुलिक....प्रातः 9.22 से 10.57(शुभे त्याज्य)
अभिजित......मध्या.12.06 से 12.56(शुभ)
पंचक................................ आज नहीं है
हवन मुहूर्त(अग्निवास)...................आज है
दिशाशूल............................. दक्षिण दिशा
दोष परिहार....... दही का सेवन कर यात्रा करें
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___________आज का दिन___________
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व्रत विशेष................................... नहीं है
अन्य व्रत्.................................... .नहीं है
पर्व विशेष....................................नहीं है
काल विशेष............ सनातन् चातुर्मास जारी
दिन विशेष......विश्व गगनचुम्बी इमारत दिवस
खगोलीय... अश्लेषायां 2 गुरु. सायं 6.35 पर
खगोलीय...............सूर्य नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी
नक्षत्र वाहन.....................खर(वर्षा मध्यम्)
विष्टि(भद्रा)....................अपरा. 3.28 तक
पंचक.........................................नहीं है
सर्वा.सि.योग................................ नहीं है
अमृत सि.योग.............................. नहीं है
सिद्ध रवियोग.... उदयात् रात्रि. 12.29* तक
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✴️ अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी✴️
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दिनांक............................ 04.09.2026
तिथि............भाद्रपद कृष्णा अष्टमी शुक्रवार
व्रत विशेष......श्री कृष्ण जन्माष्टमी (सर्वेषाम्)
अन्य व्रत्...................................दूर्वाष्टमी
पर्व विशेष....... श्री कृष्ण जन्माष्टमी(सर्वेषाम्)
काल विशेष............ सनातन् चातुर्मास जारी
दिन विशेष............ संत ज्ञानेश्वर जन्म दिवस
खगोलीय........................ अतिरिक्त नहीं है
खगोलीय...............सूर्य नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी
नक्षत्र वाहन..................... खर(वर्षा मध्यम्)
विष्टि(भद्रा).................................. नहीं है
पंचक......................................... नहीं है
सर्वा.सि.योग..................................नहीं है
अमृत सि.योग.............................. नहीं है
सिद्ध रवियोग............................... नहीं है
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*विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट*
🌞श्री सनातन हिंदू पंचांग के अनुसार🌞
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दिल्ली -10 मिनट---------जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट------अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर - 4 मिनट-------------मुंबई +7 मिनट
लखनऊ - 25 मिनट------बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट--जैसलमेर +15 मिनट
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🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
_________🏵️🌞✴️🌞🏵️_________ अभिजित् मुहुर्त - दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता.
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ब्रह्म मुहूर्त - सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है..
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प्रदोष काल - सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद का समय प्रदोष काल होता है
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गौधूलिक काल सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है
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🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
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भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें।
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✴️🌄आज दिन का चौघड़िया 🌄✴️
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शुभ.................प्रातः 6.14 से 6.48 तक
चंचल...........पूर्वा. 10.57 से 12.31 तक
लाभ............अपरा. 12.31 से 2.05 तक
अमृत.............अपरा. 2.05 से 3.39 तक
शुभ.................सायं. 5.13 से 6.47 तक
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✴️🌄आज रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
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अमृत........ सायं-रात्रि. 6.47 से 8.13 तक
चंचल............... रात्रि. 8.13 से 9.39 तक
लाभ..रात्रि. 12.31 AM से 1.57 AM तक
शुभ.... रात्रि. 3.23 AM से 4.49 AM तक
अमृत...रात्रि. 4.49 AM से 6.15 AM तक
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(विशेष - ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
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🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2-----5-----6---- 9-------12----13.
कृष्ण पक्ष-1---4----5----8---11----12----30.
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दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र की शांति आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षरे....
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समय - नक्षत्र नाम - नक्षत्र चरण - चरणाक्षर
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07.26 AM तक......कृतिका.... 1......अ
________राशि मेष - पाया स्वर्ण________
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01.07 PM तक......कृतिका .....2...... इ
06.48 PM तक..... कृतिका .....3.......उ
12.29 AM तक......कृतिका .... 4...... ए
06.08 AM तक......रोहिणी.... .1.....ओ
________राशि वृषभ - पाया स्वर्ण_______
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✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
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हिंदू धर्मानुसार गुरु शिष्य संबंध क्या है.? क्या है इसका महत्व,कौन दे सकता है गुरु मंत्र दीक्षा
दीक्षा शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के शब्द दक्ष से हुई है जिसका अर्थ है कुशल होना। समानार्थी अर्थ है - विस्तार। इसका दूसरा स्रोत दीक्ष शब्द है जिसका अर्थ है समर्पण अतः दीक्षा का सम्पूर्ण अर्थ हुआ - स्वयं का विस्तार।
दीक्षा के द्वारा शिष्य में यह सामर्थ्य उत्पन्न होती है कि गुरु से प्राप्त ऊर्जा के द्वारा शिष्य के अंदर आतंरिक ज्योति प्रज्ज्वलित होती है , जिसके प्रकाश में वह अपने अस्तित्व् के उद्देश्य को देख पाने में सक्षम होता है। दीक्षा से अपूर्णता का नाश और आत्मा की शुद्धि होती है।
गुरु का ईश्वर से साक्षात सम्बन्ध होता है। ऐसा गुरु जब अपनी आध्यात्मिक/प्राणिक ऊर्जा का कुछ अंश एक समर्पित शिष्य को हस्तांतरित करता है तो यह प्रक्रिया गुरु दीक्षा कहलाती है। यह आध्यात्मिक यात्रा की सबसे प्रारम्भिक सीढ़ी है। गुरु दीक्षा के उपरांत शिष्य गुरु की आध्यात्मिक सत्ता का उत्तराधिकारी बन जाता है। गुरु दीक्षा एक ऐसी व्यवस्था है जिसमे गुरु और शिष्य के मध्य आत्मा के स्तर पर संबंद्ध बनता है जिससे गुरु और शिष्य दोनों के मध्य ऊर्जा का प्रवाह सहज होने लगता है। गुरु दीक्षा के उपरान्त गुरु और शिष्य दोनों का उत्तरदायित्व बढ़ जाता है। गुरु का उत्तरदायित्व समस्त बाधाओं को दूर करते हुए शिष्य को आध्यात्मिकता की चरम सीमा पर पहुचाना होता है। वहीं शिष्य का उत्तरदायित्व हर परिस्थिति में गुरु के द्वारा बताये गए नियमों का पालन करना होता है।
दीक्षा कब मिलती है?
जब हमारा अंतःकरण (मन) शुद्ध हो जाता है तब दीक्षा मिलती है। शुद्ध का मतलब संछेप में समझिये जब अंतःकरण (मन) एक भोले भाले बच्चे की तरह हो जाता है, वह बच्चा न तो किसी के बारे में बुरा सोचता है न तो किसी के बारे में अच्छा सोचता है, अर्थात संसार से उस बच्चे का मन ना तो राग (प्रेम) करता है और ना तो
द्वेष (दुश्मनी) करता है। जब किसी वक्ति का अंतःकरण भगवान में मन लगाकर, इस अवस्था पर पहुँच जाता है। तब वास्तविक गुरु आपके अंतःकरण को दिव्य बनायेगा।
तब वास्तविक गुरु अथवा संत अथवा महापुरुष आपको गुरु मंत्र या दीक्षा देता है। अब दीक्षा का समय आया है, जब अंतःकरण शुद्ध हो गया। इससे पहले दीक्षा नहीं दी जा सकती। क्योंकि हमारा अंतःकरण उस अलौकिक शक्ति को सम्हाल (सहन)नहीं सकता। अगर कोई गुरु
अथवा महापुरुष बिना अधिकारी बने किसी को जबरदस्ती दीक्षा देदें, तो उस व्यक्ति का शरीर फट के चूर-चूर हो जाये। वह अनाधिकारी व्यक्ति सहन नहीं सकता। हमारा (माया अधीन जिव) का अंतःकरण इतना कमजोर है की उस दीक्षा (अलौकिक शक्ति/ दिव्य आनंद, दिव्य प्रेम आनंद) को सहन नहीं कर सकता। हम लोग संसार के सुख और दुःख को ही नहीं सम्हाल (सहन) कर सकते है। जैसे एक गरीब को करोड़ की लॉटरी खुल जाये, तो वह बेहोश हो जाता है, किसी की प्रेमिका प्रेमी अथवा माता पिता संसार छोड़ देते है, तो उसका दुःख भी वह व्यक्ति नहीं सम्हाल पता है। तो यह जो अलौकिक शक्ति (दिव्य आनंद) है इसे कोई क्या सम्हाल पायेगा। ये दीक्षा अनेक प्रकार से दी जाती है। अगर वह
दीक्षा बोल के दी जाये तो उसे हमलोग गुरु मंत्र कहते है। वास्तविक गुरुओं ने अनेक तरीकों से दीक्षा दिया है, कभी कान में बोल के, आँख से देख के, गले लगा के यहाँ
तक फूक मर कर दिया है। दीक्षा देना है, किसी बहाने देदें, चाहे एक घुसा मार के देदें। दीक्षा देने में यह आवश्यक नहीं है की कान से दिया जाये। गौरांग महाप्रभु ने गले लगा के दीक्षा दिया है।
दीक्षा के प्रकार
स्पर्श दीक्षा , दृग दीक्षा , मानस दीक्षा
शक्ति , शाम्भवी , मांत्रिक दीक्षा
स्पर्श दीक्षा
जैसे पक्षी अपने सुंदर पंखों से धीरे-धीरे शिशुओं की वृद्धि करता है, इस प्रकार की दीक्षा को स्पर्श दीक्षा कहते हैं। अर्थात् शिष्य को छूने मात्र से शिष्य में शक्तिपात करते हैं।
दृग दीक्षा
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योग्य गुरु अपने कृपा पात्र शिष्य की निष्ठा से प्रसन्न होकर अपनी दिव्य दृष्टि से देखकर संकल्प करके दृग दीक्षा देते है।
उदाहरण के लिये जैसे मछली अपने बच्चों को देखने मात्र से पोषण करती है, इस प्रकार जो गुरु देखने मात्र से शक्तिपात करते हैं, उसे दृग-दीक्षा कहते हैं।
मानस दीक्षा
मानस दीक्षा को संकल्प दीक्षा भी कहते हैं। इसमें देशकाल का व्यवधान नहीं होता। सद्गुरु चाहे जहाँ हों और शिष्य उनसे चाहे कितनी ही दूर हो, सद्गुरु अपने संकल्प मात्र से शिष्य में शक्तिपात कर देते हैं।
इसमें यह भी आवश्यक नहीं है कि शिष्य ने सद्गुरु के दर्शन किए हों या विधिवत् प्रार्थना की हो कि मुझे दीक्षित करें।
शक्ति दीक्षा
गुरु योगमार्ग से शिष्य के शरीर में प्रवेश करके उसके अंत:करण में ज्ञान उत्पन्न करके जो ज्ञानवती दीक्षा देते हैं, वह शक्ती दीक्षा कहलाती है।
शाम्भवी दीक्षा
गुरु के दृष्टिपात मात्र से, स्पर्ष से तथा बातचीत से भी जीव को पाश्बंधन को नष्ट करने वाली बुद्धि एवं ईश्वर के चरणों में अनन्य प्रेम की प्राप्ति होती है। प्रकृति (सत, रज, तम गुण), बुद्धि, त्रिगुणात्मक अहंकार एवं शब्द, रस, रूप, गंर्ध स्पशज़् (पांच तन्मात्राएं), इन्हें आठ पाश कहा गया है। इन्हीं से शरीरादी संसार उत्पन्न होता है। इन पाशों का समुदाय ही महाचक्र या संसारचक्र है और परमात्मा इन प्रकृति आदि आठ पाशों से परे है। गुरु द्वारा दी गई योग दीक्षा से यह पाश क्षीण होकर नष्ट हो जाता है।
मंत्र दीक्षा
मान्त्री दीक्षा में पहले यज्ञमंडप और हवनकुंड बनाया जाता है। फिर गुरु बाहर से शिष्य का संस्कार (शुद्धि) करते हैं। शक्तिपात के अनुसार शिष्य को गुरु का अनुग्रह प्राप्त होता है। जिस शिष्य में गुरु की शक्ति का पात नहीं हुआ, उसमें शुद्धि नहीं आती, उसमें न तो विद्या, न मुक्ति और न सिद्धियां ही आती हैं। इसलिए शक्तिपात के द्वारा शिष्य में उत्पन्न होने वाले लक्षणों को देखकर गुरु ज्ञान अथवा क्रिया द्वारा शिष्य की शुद्धि करते हैं। उत्कृष्ट बोध और आनंद की प्राप्ति ही शक्तिपात का लक्षण (प्रतीक) है क्योंकि वह परमशक्ति प्रबोधानन्दरूपिणी ही है।
गुरु दीक्षा कौन दे सकता है
गुरु शब्द का अर्थ है जो अन्धकार से प्रकाश की ओर ले जाये। एक सम्पूर्ण जागृत गुरु, जो की सहस्त्र्सार चक्र में स्थित हो वही दीक्षा देने का अधिकारी होता है। ऐसे गुरु की पहचान उनके व्यवहार से होती है। ऐसे गुरु सबके लिए करुणामय होते है। उनका ज्ञान अभूतपूर्व होता है। जागृत गुरु अहंकार, काम, क्रोध, लोभ और मोह से दूर रहते है। वह शिष्य की किसी भी समस्या और परिस्थिति का समाधान निकालने में सक्षम होते है। ऐसे गुरु का ध्यान अत्यंत उच्च कोटि का होता है।
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✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
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मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज अच्छी चीज़ों को ग्रहण करने के लिए आपका दिमाग़ खुला रहेगा। आप पैसा बना सकते हैं, बशर्ते आप अपनी जमा-पूंजी पारम्परिक तौर पर निवेश करें। आपके माता-पिता की सेहत चिंता और घबराहट का कारण बन सकती है। आपने भली-भांति काम किया है, इसलिए अब उसके फ़ायदे लेने का समय है। घर से बाहर निकलकर आज आप खुली हवाओं में टहलना पसंद करेंगे। आज आपका मन शांत होगा जिसका फायदा आपको पूरे दिन मिलेगा। शादी के बाद वैवाहिक जीवन में प्यार सुनने में मुश्किल ज़रूर लगता है, लेकिन आप आज महसूस करेंगे कि यह मुमकिन है।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज आप नफ़रत को दूर करने के लिए संवेदना का स्वभाव अपनाएँ, क्योंकि नफ़रत की आग बहुत ज़्यादा ताक़तवर है और मन के साथ शरीर पर भी बुरा असर डालती है। याद रखें कि बुराई अच्छाई से ज़्यादा आकर्षक ज़रूर दिखाई देती है, लेकिन उसका असर ख़राब ही होता है। अतिरिक्त आय के लिए अपने सृजनात्मक विचारों का सहारा लें। एक पारिवारिक आयोजन में आप सभी के ध्यान का केन्द्र होंगे। आज के दिन आपका कठिन परिश्रम फलदायी सिद्ध होगा। परिवार की जरुरतों को पूरा करते-करते आप कई बार खुद को वक्त देना भूल जाते हैं। लेकिन आज आप सबसे दूर होकर अपने आप के लिए वक्त निकाल पाएंगे। आज आपका आपस में कुछ ज्यादा विवाद हो सकता है जिसके दूरगामी परिणाम वैवाहिक जीवन के लिए नकारात्मक हो सकते हैं।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज आप ख़ुद को सुकून में और ज़िंदगी का आनंद उठाने के लिए सही मनोदशा में पाएंगे। धन से जुड़ा कोई मसला आज हल हो सकता है और आपको धन लाभ हो सकता है। ऐसा कोई जिसके साथ आप रहते हैं, आज आपके किसी काम की वजह से बहुत झुंझलाहट महसूस करेगा। आपका हमदम आपको पूरे दिन याद करता रहेगा। उसे कोई प्यारा सरप्राइज़ देने की योजना बनाएँ और इसे उसके लिए एक ख़ूबसूरत दिन में तब्दील करने के बारे में सोचें। नई परियोजनाओं और कामों को अमली जामा पहनाने के लिए बेहतरीन दिन है। आपको अपने दायरे से बाहर निकलकर ऐसे लोगों से मिलने-जुलने की ज़रूरत है, जो ऊँची जगहों पर हों। विवाह एक दैवीय आशीर्वाद है और आज आप इसका अनुभव कर सकते हैं।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज पीने की आदत को अलविदा कहने के लिए बहुत ही अच्छा दिन है। आपको समझना चाहिए कि शराब सेहत की सबसे बड़ी दुश्मन है और यह आपकी क्षमताओं पर भी कुठाराघात करती है। आज आप आसानी से पैसे इकट्ठा कर सकते हैं- लोगों को दिए पुराने कर्ज़ वापिस मिल सकते हैं- या फिर किसी नयी परियोजना पर लगाने के लिए धन अर्जित कर सकते हैं। दोस्त और जीवनासाथी आराम तथा ख़ुशी देंगे, नहीं तो बाक़ी दिन उबाऊ और नीरस गुज़रेगा। ताज़ा फूल की तरह अपने प्यार में भी ताज़गी बनाए रखें। जो लोग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें दिमाग़ शांत रखने की ज़रूरत है। परीक्षा की घबराहट को हावी न होने दें। आपका प्रयास सकारात्मक परिणाम ज़रूर देगा। कई बार मोबाइल चलाते-चलाते आपको समय का पता ही नहीं चलता और फिर जब आप अपना समय बर्बाद कर चुके होते हैं तो आपको पछतावा होता है।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज आपका स्पष्ट और निडर नज़रिया आपके दोस्त के अहम् को ठेस पहुँचा सकता है। आज आपको अपने भाई या बहन की मदद से धन लाभ होने की संभावना है। ऐसे दोस्तों के साथ बाहर जाएँ जो आपके हालात और ज़रूरतों को समझते हैं। आपका प्रिय आपसे वादे की मांग करेगा, लेकिन ऐसा वादा न करें जिसे आप पूरा न कर सकें। अपनी नौकरी से चिपके रहिए और दूसरों से उम्मीद मत कीजिए कि वे आकर आपकी मदद करेंगे। दिन अच्छा है दूसरों के साथ-साथ आप अपने लिए भी वक्त निकाल पाएंगे। पारिवारिक विवादों के कारण आज आपका वैवाहिक जीवन प्रभावित रह सकता है।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो
आज व्यस्त दिनचर्या के बावजूद सेहत अच्छी रहेगी। लेकिन इसे हमेशा के लिए सच मानने की ग़लती न करें। अपनी ज़िंदगी और सेहत का सम्मान करें। जीवनसाथी से पैसों से जुड़े किसी मुद्दे को लेकर आज बहस होने की आशंका है। आज आपकी फिजुलखर्ची पर आपका साथी आपको लेक्चर दे सकता है। नाती-पोतों से आज काफ़ी ख़ुशी मिल सकती है। जो भी आप आज करेंगे, आप हमेशा प्रभावशाली स्थिति में रहेंगे। यात्रा के मौक़ों को हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। यह दिन शादीशुदा ज़िन्दगी के सबसे ख़ास दिनों में से एक रहेगा।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज आपकी ऊँची बौद्धिक क्षमताएँ आपको कमियों से लड़ने में सहायता करेंगी। सिर्फ़ सकारात्मक विचारों के ज़रिए इन समस्याओं से निजात पायी जा सकती है। जीवनसाथी की खराब तबीयत के कारण आज आपका धन खर्च हो सकता है लेकिन आपको इसको लेकर चिंता करने की जरुरत नहीं है क्योंकि धन इसीलिये बचाया जाता है कि बुरे समय में वो आपके काम आ सके। आपकी निजी ज़िंदगी के बारे में दोस्तों से आपको अच्छी सलाह मिलेगी। आप अचानक गुलाबों की ख़शबू से ख़ुद को सराबोर पाएंगे। अपने चारों ओर होने वाली गतिविधियों का ध्यान रखें, क्योंकि आपके काम का श्रेय कोई दूसरा ले सकता है। आज का दिन फ़ायदेमंद साबित होगा, क्योंकि ऐसा लगता है कि चीज़ें आपके पक्ष में जाएंगी और आप हर काम में अव्वल रहेंगे। आज आप महसूस करेंगे कि जीवनसाथी के साथ की एहमियत कितनी हे।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज परिवार के इलाज से जुड़े ख़र्चों में वृद्धि को नकारा नहीं जा सकता है। सट्टेबाज़ी से फ़ायदा हो सकता है। अगर आप पार्टी करने की सोच रहे हैं, तो अपने अपने अच्छे दोस्तों को बुलाएँ। ऐसे कई लोग होंगे, जो आपका उत्साह बढाएंगे। ख़ुद को अभिव्यक्त करने के लिए अच्छा समय है- और ऐसे प्रोजेक्ट पर काम कीजिए, जो रचनात्मक हों। आज जीवन के कई अहम मुद्दों पर आप घरवालों के साथ बैठकर बात कर सकते हैं। आपकी बातें घरवालों को परेशान कर सकती हैं लेकिन इन बातों का हल अवश्य निकलेगा। आज आपको अपने जीवनसाथी का दैवीय पक्ष देखने को मिल सकता है।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज का दिन ऐसे काम करने के लिए बेहतरीन है, जिन्हें करके आप ख़ुद के बारे में अच्छा महसूस करते हैं। आपका पैसा तभी आपके काम आएगा जब आप उसको संचित करेंगे यह बात भली भांति जान लें नहीं तो आपको आने वाले समय में पछताना पड़ेगा। किसी धार्मिक स्थल या संबंधी के यहाँ जाने की संभावना है। नई चीज़ों को सीखने की आपकी ललक क़ाबिल-ए-तारीफ़ है। जिन रिश्तों को आप अहमियत देते हैं उन्हें समय देना भी आपको सीखना होगा नहीं तो रिश्ते टूट सकते हैं। अगर आपके जीवनसाथी की सेहत कर चलते किसी से मिलने की योजना रद्द हो जाए तो चिंता न करें, आप साथ में अधिक समय व्यतीत कर सकेंगे।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज ख़ुद को परिष्कृत करने की कोशिश कई तरीक़ों से अपना असर दिखाएगी- आप ख़ुद को बेहतर और आत्मविश्वास से भरा हुआ महसूस करेंगे। आज आप अपने घर केे सदस्यों को कहीं घुमाने ले जा सकते हैं और आपका काफी धन खर्च हो सकता है। शाम के वक़्त अचानक मिली कोई अच्छी ख़बर पूरे परिवार की ख़ुशी और उत्साह की वजह साबित होगी। आपका प्रिय आपसे वादे की मांग करेगा, लेकिन ऐसा वादा न करें जिसे आप पूरा न कर सकें। किसी साझीदारी वाले व्यवसाय में जाने से बचें - क्योंकि संभव है कि भागीदार आपका बेजा फ़ायदा उठाने की कोशिश करें। आज जीवन के कई अहम मुद्दों पर आप घरवालों के साथ बैठकर बात कर सकते हैं। आपकी बातें घरवालों को परेशान कर सकती हैं लेकिन इन बातों का हल अवश्य निकलेगा।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें, जो आध्यात्मिक जीवन के लिए आवश्यक है। मस्तिष्क जीवन का द्वार है, क्योंकि अच्छा-बुरा सब-कुछ इसी के माध्यम से आता है। यही ज़िंदगी की समस्याएँ दूर करने में सहायक सिद्ध होता है और सही सोच से इंसान को आलोकित करता है। अटके हुए मामले और घने होंगे व ख़र्चे आपके दिमाग़ पर छा जाएंगे। आज का दिन ख़ुशियों से भरा रहेगा, क्योंकि आपका जीवन-साथी आपको ख़ुशी देने का हर प्रयास करेगा। रोमांस के लिए अच्छा दिन है। तनख़्वाह में बढ़ोतरी आपको उत्साह से भर सकती है। यह वक़्त अपनी सभी निराशाओं और परेशानियों को मिटाने का है। आज आप अपने जीवनसाथी को सरप्राइज दे सकते हैं, अपने सारे कामों को छोड़कर आज आप उनके साथ वक्त बिता सकते हैं। जीवन साथी की किसी बात को गंभीरता से न लेने की स्थिति में विवाद हो सकता है।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज आपके रचनात्मक शौक़ आपको सुक़ून का एहसास कराएंगे। आज संभव है कि आपको धन से जुड़ी कोई समस्या हो लेकिन अपनी सूझबूझ से आप हानि को भी मुनाफे में बदल सकते हैं। एक मज़ेदार शाम के लिए दोस्त आपको अपने घर पर बुलाएंगे। अनपेक्षित रोमांटिक आकर्षण की संभावना है। कामकाज में आ रहे बदलावों के कारण आपको लाभ मिलेगा। आज मौसम का मिजाज कुछ ऐसा रहेगा कि आप बिस्तर से उठने को राजी नहीं होंगे। बिस्तर से उठने के बाद आपको अहसास होगा कि आप अपना कीमती समय बर्बाद कर चुके हैं। आज आपको अपने जीवनसाथी से एक बार फिर प्यार हो जाएगा।
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✴️संकलन एवं प्रस्तुत कर्त्ता✴️
☀️पं.रामपाल भट्ट-ज्योतिष एवं वास्तुविद्☀️
श्री ज्योतिष समाधान सेवा भीलवाड़ा (राज)
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