ShareChat
click to see wallet page
search
#जय श्री कृष्ण शोभित दंपति अति रंग भीने। तैसेई अमल अनंग विराजत तैसी बसनन झीने॥ तैसेई वदन जोति-तैसेई भूषन दोति वारों घन दामिनि कोटि नवीने। परस्पर तन निहारत हरषत लोचन अधीने॥ रमकि झमकि मुसिकाइ लाड़िली लपटत लटकि मन मनमथ छीने ॥ जैश्री कमलनैन हित अति रस बाढ़यौ निरख सखी दृग दीने ॥ राधे राधे.... जय श्रीकृष्ण.... .
जय श्री कृष्ण - ShareChat