#जय शनिदेव
`ॐ शं शनैश्चराय नमः`
`शनैश्चरो महातेजाः सूर्यपुत्रः प्रतापवान् ।`
`यमाग्रजो महाशूरः पीडां हरतु मे सदा ॥३६॥`
`यो मां प्रभाते उत्थाय स्मरेन्नित्यं शनैश्चरम् ।`
`तस्य पीडा न जायेत शनेः कृपया नृप ॥३७॥`
`अर्थात 👉🏻 महातेजस्वी , प्रतापी सूर्यपुत्र , यमराज के बड़े भाई महाशूर शनि मेरी पीड़ा सदैव हरें । जो प्रातःकाल उठकर नित्य शनि का स्मरण करे , हे राजन ! शनि की कृपा से उसे पीड़ा नहीं होती ।`
[ `पद्मपुराण, सृष्टिखण्ड , अध्याय ५७ , श्लोक ३६-३७`
`गीता प्रेस , पृष्ठ ४३३` ]
`🎯 चित्र में संकेत –`
`१. महातेजाः – स्वर्णमय आभा-मंडल`
`२. सूर्यपुत्रः – आकाश में शनि ग्रह`
`३. यमाग्रजः – हाथ में त्रिशूल`
`४. प्रभाते – प्रातःकालीन स्वर्णिम दृश्य`
`🌄 प्रभात वन्दन 🌄©®`
`जय शनि देव महाराज 🪐`


