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- Mahendra Narayanबन जाए तो काम है, बिगड़े तो हालात। पल में बदले सोच सब, ज्यों दिन बदले रात ॥ #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह #कविता1412
- Mahendra Narayanमानवता के बाग, प्रेम सुधा सिंचित करें । सजे चरित्र सुहाग , नैतिकता की पुष्प से ॥ #📚कविता-कहानी संग्रह #कविता #✍मेरे पसंदीदा लेखक #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺917
- Mahendra Narayanकहीं पत्थर की ख़ामोशी कहीं फूलों का चेहरा है कहीं बुत बोलतें हैं और कहीं इंसान बहरा है अजब इस रंग दुनिया की है जितना दाग दामन में बड़ा होता वहीं उसके ही सर पे आज सेहरा है #📚कविता-कहानी संग्रह #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #कविता #✍मेरे पसंदीदा लेखक207
- Mahendra Narayanटूटी फूटी भावना, कुचले हुए विचार। सच्चाई के खून में,मिला जो भ्रष्टाचार ॥ #✍मेरे पसंदीदा लेखक #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #📚कविता-कहानी संग्रह #कविता1413
- Mahendra Narayanअरमानों की भीड़ में, खोया है इंसान । सकूं सभी में ठूँढता, ख़ुद से हो अंजान ॥ #✍मेरे पसंदीदा लेखक #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍 #📚कविता-कहानी संग्रह #कविता1810
- Mahendra Narayanतमन्ना मुस्कुरायेगी जो मेरे साथ तू होगा तरन्नुम गुनगुनायेगी जो मेरे साथ तू होगा ये वादा है मेरा तुझसे यकीं पे कर यकीं मेरे मुहब्बत रंग लायेगी जो मेरे साथ तू होगा #📚कविता-कहानी संग्रह #❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍 #कविता #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #✍मेरे पसंदीदा लेखक1412
- Mahendra Narayanबड़ी उदास नज़र है कहाँ लगेगी भला इसे न देखने का ही ख़याल अच्छा है कहीं से ढूँढ़ कर के लाओ आईना कोई देखके ख़ुद को हम कहें कि हाल अच्छा है #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍 #कविता #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह1119
- Mahendra Narayanअधिकारों की जब तैयारी होती है सबकी अपनी हिस्सेदारी होती है कर्तव्यों की पगड़ी सर पर जो बाँधे उसकी सारी जिम्मेदारी होती है #📚कविता-कहानी संग्रह #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍 #कविता1810
- Mahendra Narayanकोई कोना रह गया, मन का जिसमें प्रेम । महज़ इसी से हो रहा, सबका कुशल व क्षेम ।। #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह #❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍 #कविता622
- Mahendra Narayanहमारी भी जो चाहत है तुम्हारी भी वो चाहत है हमारी आँखें इक दूजे से करती क्यों सियासत है अभी तक मुद्दई हमको जुदा करके सभी खुश थे मगर हम एक हैं दिल से महज़ इतनी सी राहत है #❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍 #👍📝 हिन्दी साहित्य 💐🌹 अधूरे अल्फाज 🌺 #कविता #✍मेरे पसंदीदा लेखक #📚कविता-कहानी संग्रह01