Jagdish Sharma
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।। ॐ ।।
त्वमादिदेवः पुरुषः पुराण-स्त्वमस्य विश्वस्य परं निधानम्
वेत्तासि वेद्यं च परं च धाम त्वया ततं विश्वमनन्तरूप।।११/३८।।
आप आदिदेव और सनातन पुरुष हैं। आप इस जगत् के परम आश्रय और जाननेवाले हैं, जानने योग्य हैं तथा परमधाम हैं। हे अनन्तस्वरूप ! आपसे यह सम्पूर्ण जगत् व्याप्त है। आप सर्वत्र हैं। #🙏गुरु महिमा😇 #🧘सदगुरु जी🙏 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #❤️जीवन की सीख #यथार्थ गीता
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