sn vyas
597 views • 8 days ago
#जय माँ गंगे हर हर गंगे #🙏हर की पौड़ी हरिद्वार 🙏गंगा नदी 🙏👌हर हर गंगे🙏
एक बार भगवान शिव ने माँ पार्वती से कहा गंगा नहाता तो हर कोई है मगर पापमुक्त कोई विरला ही होता है , माता जी ने कहा ऐसा कैसे प्रभु गंगा की तो महिमा अप्रतिम है , उसमे तो जो एक बार डुबकी लगाए पापमुक्त निश्चित हो जाता है, महादेव बोले हाँ लेकिन वही पापमुक्त होते हैं जो यह विश्वास करते हैं कि वह गंगा नहाने के बाद पापमुक्त हो गया है। उदाहरण देने के लिए महादेव ने एक वृद्ध का रूप धारण किया और माता पार्वती ने एक वृद्ध महिला का और महादेव जा कर घाट पर जा कर यूँ लेट गए जैसे फिसल कर गिर पड़े हों , उन्होंने माता पार्वती से कहा अब जा कर उन लोगों से सहायता माँगो जो गंगा नहा कर आ रहे हैं मगर ध्यान रहे ये भी कहना कि मुझे उठाने के लिए हाथ वही बढ़ाये जो निष्पाप हो।
माता पार्वती ने ऐसा ही किया , उन्होंने जो जो गंगा नहा कर निकल रहा था उन सब से बोला कि भइया मेरे पति गिर पड़े हैं कृपया उनको उठा दीजिये , मेरी ऐसी अवस्था नहीं कि मैं उन्हें उठा सकूँ, जो भी सुनता वो सहर्षतापूर्वक महादेव की तरफ़ आगे बढ़ता किन्तु ज्यों ही माता जी कहतीं कि इन्हें वह ही उठाये जो स्वयं निष्पाप हो क्यूंकि हमारे पति निष्पाप हैं , अगर पापी ने स्पर्श किया तो वह स्वयं भस्म हो जाएगा , इतना सुनते ही लोग भय के मारे वापस हो जाते , एक व्यक्ति जो नहा के निकला उसको माता जी ने साहयता के लिए बुलाया वो आया , माताजी ने वही कहा , मेरे पति निष्पाप हैं , अगर तुम निष्पाप हो तभी हाथ आगे बढ़ाओ वरना भस्म हो जाओगे , उसने कहा माता जी अभी अभी गंगा नाहा के निकला हूँ अब भी आपको मेरे निष्पाप होने में कोई शंका है क्या , उस व्यक्ति ने महादेव को हाथ दिया और तुरंत उठा कर बिठा दिया किनारे पर और चला गया , तब महादेव ने पार्वती जी से कहा देखा सिर्फ इसको विश्वास था कि गंगा नहाने से वो निष्पाप हो गया है।
17 likes
13 shares