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#श्री गणेशाय नमः #शुभ बुधवार
*ॐ गं गणपतये नमः🙏🏻🚩*
`जय श्री गणेश`
`जय श्री हरिहर`
`आज श्रावण माह का बुधवार है । विघ्नहर्ता स्वयं अपना स्वरूप बता रहे हैं ।`
*गणेश गीता –*
`🪶देवाभेद का प्रत्यक्ष प्रमाण`
*" शिवे विष्णौ च शक्तौ च सूर्ये मयि याऽभेदबुद्धिः स सम्यग्योगः "*
`१. मैं ही सर्वस्व हूँ`
[ `श्रीगणेशपुराण , क्रीडाखण्ड १४०.८-८९ एवं गणेशगीता ३.८-९` ]
*अहमेव परो ब्रह्मा महारुद्रोऽहमेव च ।*
*अहमेव जगत्सर्वं स्थावरं जङ्गमं च यत् ॥८॥*
*अजोऽव्ययोऽहं भूतात्मानादिरीश्वर एव च ।*
*आस्थाय त्रिगुणां मायां भवामि बहुयोनिषु ॥९॥*
`अर्थात 👉🏻 भगवान श्रीगणपति कहते हैं – "मैं ही श्रेष्ठ ब्रह्मा हूँ , मैं ही महारुद्र हूँ, मैं ही स्थावर-जंगमरूप सम्पूर्ण जगत् हूँ ॥ मैं अजन्मा , अविनाशी तथा सभी जीवोंका आत्मा , अनादि ईश्वर हूँ औऱ त्रिगुणात्मक मायामें स्थित होकर मैं ही अनेक योनियों में अवतार धारण करता हूँ ॥"`
`२. अभेद बुद्धि ही सच्चा योग है`
[ `श्रीगणेशपुराण , क्रीडाखण्ड १३८.२१-२४ तथा गणेशगीता १.२१-२४` ]
*शिवे विष्णौ च शक्तौ च सूर्ये मयि नराधिप ।*
*याऽभेदबुद्धिर्योगः स सम्यग्योगो मतो मम ॥२१॥*
*अहमेव जगद्यस्मात्सृजामि पालयामि च ।*
*कृत्वा नानाविधं वेषं संहरामि स्वलीलया ॥२२॥*
*अहमेव महाविष्णुरहमेव सदाशिवः ।*
*अहमेव महाशक्तिरहमेवार्यमा प्रिय ॥२३॥*
*अहमेको नृणां नाथो जातः पञ्चविधः पुरा ।*
*अज्ञानान्मां न जानन्ति जगत्कारणकारणम् ॥२४॥*
`अर्थात 👉🏻 "हे राजन् ! शिव , विष्णु , शक्ति , सूर्य एवं मुझमें जो अभेदबुद्धिरूप योग है , उसीको मैं यथार्थ योग मानता हूँ ॥२१॥ मैं ही अपनी लीलासे अनेक वेष धारण करता हुआ इस जगत् की उत्पत्ति , पालन तथा संहार करता हूँ ॥२२॥ हे प्रिय ! मैं ही महाविष्णु , मैं ही सदाशिव , मैं ही महाशक्ति औऱ मैं ही सूर्य हूँ ॥२३॥ एकमात्र मैं ही मनुष्योंका स्वामी हूँ । ( विष्णु , शिव , शक्ति , सूर्य व गणेश– ) इन पाँच प्रकारसे मैं पूर्वकालमें अभिव्यक्त हुआ हूँ । मैं जगत् के कारणका भी कारण हूँ , मुझको अज्ञानीलोग नहीं जानते ॥२४॥"`
`३. सनातनधर्म का सार`
*एको देवः पञ्चधा* `☝🏻 एक ही परमात्मा ५ स्वरूप में प्रकट ।`
*नाम भिन्न* `👉🏻 गणेश , विष्णु , शिव , शक्ति , तथा सूर्य`
*👉🏻 तत्त्व एक* `☝🏻अहमेव सर्वम्`
`भेद 👉🏻 अज्ञान` | `अभेद 👉🏻 ज्ञान 👉🏻 मोक्ष`
`इष्टदेव में ही पंचदेव देखो । वही सच्ची पूजा है ।`
*बुधवार का आदेश –*
`विघ्नहर्ता` की शरण लो । वे स्वयं कहते हैं `☝🏻 मैं ही सब हूँ ।`
`ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात्`
`जय श्री गणेश🙏🏻`
`जय श्री हरिहर🙏🏻`
`ॐ नमः शिवाय🙏🏻`
`ॐ नमो नारायणाय🙏🏻`
`जय जय शङ्कर🚩`
`हर हर शङ्कर🚩`
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