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#⚽बीच मैदान फूट-फूटकर रोए रोनाल्डो 😢 पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो का फीफा वर्ल्ड कप जीतने का सपना हमेशा के लिए अधूरा रह गया. राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में स्पेन ने पुर्तगाल को 1-0 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया. इस हार के साथ 41 वर्षीय रोनाल्डो का विश्व कप करियर भी समाप्त हो गया. मुकाबले के बाद उन्होंने पुष्टि की कि यह उनके करियर का अंतिम फीफा वर्ल्ड कप था, हालांकि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास को लेकर उन्होंने अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है. हार के बाद छलका रोनाल्डो का दर्द मुकाबला खत्म होने के बाद रोनाल्डो काफी भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि विश्व कप से इस तरह विदाई लेना बेहद पीड़ादायक है. उनके मुताबिक उन्होंने अपनी टीम के लिए पूरी ताकत झोंक दी और मैदान पर कोई कमी नहीं छोड़ी. रोनाल्डो ने कहा कि उन्हें इस हार का दुख जरूर है, लेकिन वे संतुष्ट हैं कि उन्होंने अपनी ओर से पूरा प्रयास किया. अब वह अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं और भविष्य को लेकर जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करेंगे. संन्यास पर फिलहाल चुप्पी मैच के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या यह पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम के लिए भी रोनाल्डो का आखिरी मुकाबला था. इस पर उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया. उनका कहना था कि वह भावनाओं में बहकर अपने करियर से जुड़ा कोई बड़ा फैसला नहीं लेना चाहते. उन्होंने कहा कि फिलहाल हार का दर्द ताजा है और ऐसे समय में भविष्य को लेकर निर्णय लेना सही नहीं होगा. उनके इस बयान से संकेत मिले हैं कि वह आने वाले समय में भी पुर्तगाल की जर्सी में नजर आ सकते हैं. स्पेन की जीत को बताया किस्मत का साथ रोनाल्डो ने मुकाबले का विश्लेषण करते हुए कहा कि दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर थी और परिणाम किसी भी दिशा में जा सकता था. उनके अनुसार स्पेन को निर्णायक मौके पर थोड़ा भाग्य का साथ मिला, जिसकी वजह से वह जीत दर्ज करने में सफल रहा. छठा विश्व कप भी नहीं दिला सका ट्रॉफी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपने करियर में रिकॉर्ड छठी बार फीफा विश्व कप में हिस्सा लिया. इस संस्करण में उन्होंने तीन गोल भी किए, लेकिन टीम को खिताब तक नहीं पहुंचा सके. लगभग दो दशक लंबे विश्व कप करियर में वह कभी भी पुर्तगाल को फाइनल तक नहीं ले जा पाए. विश्व कप नहीं लेकिन उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त विश्व कप ट्रॉफी भले ही रोनाल्डो के हाथ नहीं लगी, लेकिन उन्होंने अपने करियर में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं. उनकी कप्तानी में पुर्तगाल ने 2016 में पहली बार यूरोपीय चैम्पियनशिप जीती. इसके बाद टीम ने 2019 और 2025 में यूईएफए नेशन्स लीग का खिताब भी अपने नाम किया. रोनाल्डो ने कहा कि पुर्तगाल के लिए तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब जीतना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है. उन्होंने यह भी माना कि यूरो 2016 का खिताब उनके लिए विश्व कप जीतने जितना ही खास था. विश्व कप का सपना अधूरा पांच बार बैलन डी'ओर जीतने वाले क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने क्लब और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में लगभग हर बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया. गोल करने की उनकी क्षमता, नेतृत्व और निरंतर प्रदर्शन ने उन्हें फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में शामिल कर दिया. हालांकि विश्व कप ट्रॉफी उनके करियर की एकमात्र ऐसी उपलब्धि रही, जिसे वह हासिल नहीं कर सके. इसके बावजूद फुटबॉल जगत में उनकी विरासत और योगदान हमेशा याद रखा जाएगा. #🎞️आज के वायरल अपडेट्स #📢 ताजा खबर 📰 #📢 ताजा खबर 📰 #⚽️ फुटबॉल लेजेंड्स #⚽️ फुटबॉल लेजेंड्स #⚽ क्रिस्टियानो रोनाल्डो
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