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#*let us understand our religion #islam guide us in every field of life #*આપણે વિચારીશું ખરા?* #પોઝિટિવ વિચાર... #Qur'an and We 24/5/26(3)
*let us understand our religion - २.हदीस (Prophetic Sayings) पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने अपने अमल और वचनों से सिखाया कि किसी भी चायहि्ी। चीज़ को व्यर्थ नहीं करना यहाँ तक कि इबादत के समय *्पानी का सही इस्तेमाल (सुनन * इब्न माजाह):* पैगंबरy एक बार पैगंबर (सल्ललाहु अलयही वसल्लम) ने अपने साथी हज़रत साद (रज़ि.) को वज़ू (नमाज़ से पहले हाथ मुँह धोना ) करते हुए देखा, जिसमें वे ज़रूरत से ज़्यादा पानी इस्तेमाल कर रहे थे। पैगंबर ने कहा, "यह कैसी बर्बादी है?" साद ने पूछा, भी बर्बादी होती है?" वज़ू में "क्या पैगंबर ने फरमाया, *"हाँ, चाहे तुम बहती हुई नदी के किनारे ही क्यों न बैठे हो (तब भी पानी योग्य मात्रा में ही इस्तेमाल करो) | "* २.हदीस (Prophetic Sayings) पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने अपने अमल और वचनों से सिखाया कि किसी भी चायहि्ी। चीज़ को व्यर्थ नहीं करना यहाँ तक कि इबादत के समय *्पानी का सही इस्तेमाल (सुनन * इब्न माजाह):* पैगंबरy एक बार पैगंबर (सल्ललाहु अलयही वसल्लम) ने अपने साथी हज़रत साद (रज़ि.) को वज़ू (नमाज़ से पहले हाथ मुँह धोना ) करते हुए देखा, जिसमें वे ज़रूरत से ज़्यादा पानी इस्तेमाल कर रहे थे। पैगंबर ने कहा, "यह कैसी बर्बादी है?" साद ने पूछा, भी बर्बादी होती है?" वज़ू में "क्या पैगंबर ने फरमाया, *"हाँ, चाहे तुम बहती हुई नदी के किनारे ही क्यों न बैठे हो (तब भी पानी योग्य मात्रा में ही इस्तेमाल करो) | "* - ShareChat