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Monika - Author on ShareChat
Monika
5K views • 2 months ago
#मन_की_शांति #शांति ##bhakti
भगवान की पूजा केवल एक कर्म नहीं, बरल्किमन की शांति का Hfal OMeta हम सूच्चे मन् से पूजा करते जब हैं॰ तो हमारे मन् में चल रहे गलत विचार धीरेन्धीरे शांत लगते GH हैंl भोले बाबा हमारी सोच को सही दिशा देते हैं और हमें धैर्य, शक्ति ओर सुकून प्रदान करते हैं। प्रूजा करनेसे मन शांत रहता है जीवन की परेशानियाँ धीरेन्धीरे कम होने लगती हैं और हर बाधा को पार करने की शक्ति मिलती है। इसलिए हमेशा भक्ति के मार्ग पर चलते रहिए, भगवान् का नाम लेते रहिए और सच्चे मन से उनकी पूजा करते रहिए। ईश्वूर पर विश्वास और भक्ति ही जीवन को सुंदूर ओर सफल बनाती है। भगवान की पूजा केवल एक कर्म नहीं, बरल्किमन की शांति का Hfal OMeta हम सूच्चे मन् से पूजा करते जब हैं॰ तो हमारे मन् में चल रहे गलत विचार धीरेन्धीरे शांत लगते GH हैंl भोले बाबा हमारी सोच को सही दिशा देते हैं और हमें धैर्य, शक्ति ओर सुकून प्रदान करते हैं। प्रूजा करनेसे मन शांत रहता है जीवन की परेशानियाँ धीरेन्धीरे कम होने लगती हैं और हर बाधा को पार करने की शक्ति मिलती है। इसलिए हमेशा भक्ति के मार्ग पर चलते रहिए, भगवान् का नाम लेते रहिए और सच्चे मन से उनकी पूजा करते रहिए। ईश्वूर पर विश्वास और भक्ति ही जीवन को सुंदूर ओर सफल बनाती है।
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  • Monika - Author on ShareChat
    Monika
    ##bhakti #शांति #मन_की_शांति
    जब हम अपने गुरुजनों या भगवान के प्रति अपमान की भावना रखने लगते हैं, तो धीरेन्धीरे हमारा मन और विचार उसी दिशा में बहने लगते हैं। ऐसी स्थिति में हमारी बुद्धि और विवेक  कमजोर होने लगता है और हम सहीन्गलत के बीच का अंतर भी स्पष्ट रूप से नहीं समझ पाते। इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति आसक्ति, नकारत्मक सोच और गलत आचरण की ओर बढ़ सकता है। उसके विचार और कर्म उसी दिशा में केंद्रित होने लगते हैं, जिससे जीवन की संत्ुलित दिशा प्रभावित होती है। इसलिए यह आवश्यक है कि हम अपने गुरुजनों का सम्मान करें और ईश्वर के प्रति श्रद्धा बनाए खखें, ताकि हमारा मन स्थिर रहे और हम सही मार्ग पर चलते रहें। जब हम अपने गुरुजनों या भगवान के प्रति अपमान की भावना रखने लगते हैं, तो धीरेन्धीरे हमारा मन और विचार उसी दिशा में बहने लगते हैं। ऐसी स्थिति में हमारी बुद्धि और विवेक  कमजोर होने लगता है और हम सहीन्गलत के बीच का अंतर भी स्पष्ट रूप से नहीं समझ पाते। इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति आसक्ति, नकारत्मक सोच और गलत आचरण की ओर बढ़ सकता है। उसके विचार और कर्म उसी दिशा में केंद्रित होने लगते हैं, जिससे जीवन की संत्ुलित दिशा प्रभावित होती है। इसलिए यह आवश्यक है कि हम अपने गुरुजनों का सम्मान करें और ईश्वर के प्रति श्रद्धा बनाए खखें, ताकि हमारा मन स्थिर रहे और हम सही मार्ग पर चलते रहें।
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  • Monika - Author on ShareChat
    Monika
    ##bhakti #शांति #आध्यात्मिक_विचार #मन_की_शांति
    सर्वोत्तम है, भगवान की पजा भगवान का ज्ञान ही सर्वोत्तम है। भगवान का स्मरण ही सच्ची शांति देता है विश्वास ही जीवन का भगवान पर सबसे बडा सहारा है। भगवान की भक्ति से मन निर्मल और पवित्र होता है। भगवान की कूपा से ही हर कार्य सफल होता है। भगवान का नाम ही सबसे बड़ा धन 81 सर्वोत्तम है, भगवान की पजा भगवान का ज्ञान ही सर्वोत्तम है। भगवान का स्मरण ही सच्ची शांति देता है विश्वास ही जीवन का भगवान पर सबसे बडा सहारा है। भगवान की भक्ति से मन निर्मल और पवित्र होता है। भगवान की कूपा से ही हर कार्य सफल होता है। भगवान का नाम ही सबसे बड़ा धन 81
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