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#" रूबरू करवाता हूं आपको कुछ मेरी कलम से, कुछ मेरे हुनर से " #हुनर #कोई तो हुनर दे दर्द में मुस्कुराने का😊
" रूबरू करवाता हूं आपको कुछ मेरी कलम से, कुछ मेरे हुनर से " - ११ बजे , गुड नाईट ,का   पर्दा गिरा देते हो और 2 बजे किसी और के लिए माहफील सजा लेते हो ये हुनर आपने कहां से सीखा है साहिबा को पलको पर बिठा लेते हो ऐक को सुलाकर ,दुसरे 700' ११ बजे , गुड नाईट ,का   पर्दा गिरा देते हो और 2 बजे किसी और के लिए माहफील सजा लेते हो ये हुनर आपने कहां से सीखा है साहिबा को पलको पर बिठा लेते हो ऐक को सुलाकर ,दुसरे 700' - ShareChat