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MEKHRAM SAHU - Author on ShareChat
MEKHRAM SAHU
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#🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
माटी का एक नाग बनाके , पूजे लोग लुगाया II fiat नाग जब घर मे, निकले ले लाठी धमकाया ।। माटी का एक नाग बनाके , पूजे लोग लुगाया II fiat नाग जब घर मे, निकले ले लाठी धमकाया ।।
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    अनमोल समय जन्म बहुत नष्ट न ಹಗಸಿ करो 8 रात गंवाई सोय के, दिवस गंवाया खाय | हीना जन्म अनमोल था, कोड़ी बदले जाय II अनमोल समय जन्म बहुत नष्ट न ಹಗಸಿ करो 8 रात गंवाई सोय के, दिवस गंवाया खाय | हीना जन्म अनमोल था, कोड़ी बदले जाय II
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    सदुगुरु कबीर साहेब जी মাত্রী माला फेरत जुग भया , फिरा न मन का फेर। कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर।। भावार्थः- हे भाई! ताने हाथ की माला तो बहुत फेरी , लेकिन मन का फेर नहीं पाया। हाथ के मनकों को छोड़कर मन के मनकों को फेर अर्थात् मन को सच्चे नाम से जोड।। सप्रेम साहेब बंदगी साहेब जी सदुगुरु कबीर साहेब जी মাত্রী माला फेरत जुग भया , फिरा न मन का फेर। कर का मनका डार दे, मन का मनका फेर।। भावार्थः- हे भाई! ताने हाथ की माला तो बहुत फेरी , लेकिन मन का फेर नहीं पाया। हाथ के मनकों को छोड़कर मन के मनकों को फेर अर्थात् मन को सच्चे नाम से जोड।। सप्रेम साहेब बंदगी साहेब जी
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  • saheb bandagi group - Author on ShareChat
    saheb bandagi group
    #🙏 भक्ति #🙏गुरु महिमा😇 #🙏 भजन संग्रह 🎵 #🙏Saprem Saheb Bandagi Saheb🙏 #🙏🙏saheb bandagi saheb🙏🙏
    भक्ति, गुरु महिमा
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    एक परमात्मा है ~ जो बेहिसाब M'೫೨RyL देता हैं ~2c3 > एक हम है जो नाम गिन गिन कर जपते हैं साहेब बंदगी साहेब एक परमात्मा है ~ जो बेहिसाब M'೫೨RyL देता हैं ~2c3 > एक हम है जो नाम गिन गिन कर जपते हैं साहेब बंदगी साहेब
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    नींबू मिर्ची टाँगकर, / समझे टल गया काल। कर्म सुधारे जो मनुज , उसका जोवन खुशहाल।| "अंधविश्वास नहीं, अच्छे कर्म जीवन बदलते हैं। " FOLLOW GOD VLOGS आध्यात्मिक विचार प्रेम - भक्ति - ज्ञान नींबू मिर्ची टाँगकर, / समझे टल गया काल। कर्म सुधारे जो मनुज , उसका जोवन खुशहाल।| "अंधविश्वास नहीं, अच्छे कर्म जीवन बदलते हैं। " FOLLOW GOD VLOGS आध्यात्मिक विचार प्रेम - भक्ति - ज्ञान
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    सच्चे सद्गुरु कबीर साहेब जाति न पूछो साधु की॰ पूछ लीजिए ज्ञान। मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान।। सच्चे सद्गुरु कबीर साहेब जाति न पूछो साधु की॰ पूछ लीजिए ज्ञान। मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान।।
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    अपने मन का Aa& , अपना नाश कराए। ज्यू लोहे का जंग ही, लोहे को खा जाय Il Based on an ONEPLUS Al generation अपने मन का Aa& , अपना नाश कराए। ज्यू लोहे का जंग ही, लोहे को खा जाय Il Based on an ONEPLUS Al generation
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    कबीर वाणी 66 मन की डोरी ढीली पडे़ , चले माया के संग | सत्य-्नाम जो थाम ले, मिटे जन्म का जंग| १९ भावार्थ संत कबीरदास जी मन की चंचल प्रवृत्ति को माया का मूल कारण बताते हैं। जब मन स्थिर नहीं रहता, तो वह इच्छाओं , लालच और दिखावे के पीछे भागता है, जिससे जीव जन्म-्जन्मांतर के बंधनों में फँसा रहता है। लेकिन सत्य ्नाम" का आश्रय लेने और सच्ची भक्ति अपनाने से भीतर के संधर्ष शांत होने लगते हैं। ईश्वर का स्मरण मन को स्थिरता , शांति और वास्तविक आनंद प्रदान करता है। ப सन कबीर वाणी 66 मन की डोरी ढीली पडे़ , चले माया के संग | सत्य-्नाम जो थाम ले, मिटे जन्म का जंग| १९ भावार्थ संत कबीरदास जी मन की चंचल प्रवृत्ति को माया का मूल कारण बताते हैं। जब मन स्थिर नहीं रहता, तो वह इच्छाओं , लालच और दिखावे के पीछे भागता है, जिससे जीव जन्म-्जन्मांतर के बंधनों में फँसा रहता है। लेकिन सत्य ्नाम" का आश्रय लेने और सच्ची भक्ति अपनाने से भीतर के संधर्ष शांत होने लगते हैं। ईश्वर का स्मरण मन को स्थिरता , शांति और वास्तविक आनंद प्रदान करता है। ப सन
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    कवीरबाणी 66 अव्वल अल्लाह नूर उपाया , कुदरत के सब बंदे। एक नूर ते सब जग उपजया , कौन भले को मंदे।l अथः सब जीवों में उसी एक ईश्वर का प्रकाश (नूर) है। उसकी की शक्त्ति से सारा संसार बना है, तो फिर हम कैसे किसी को अच्छा या बुरा समझ सकते हैं? सब बराबर हैं। कबीर भजन ज्ञान [  कवीरबाणी 66 अव्वल अल्लाह नूर उपाया , कुदरत के सब बंदे। एक नूर ते सब जग उपजया , कौन भले को मंदे।l अथः सब जीवों में उसी एक ईश्वर का प्रकाश (नूर) है। उसकी की शक्त्ति से सारा संसार बना है, तो फिर हम कैसे किसी को अच्छा या बुरा समझ सकते हैं? सब बराबर हैं। कबीर भजन ज्ञान [
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    #🌴🌹🙏साहेब बंदगी साहेब🙏🌹🌴
    आज कहे हरि कल भजुंगा , काल कहे फिर काल | कालके करत ही , आज अवसर जासी चाल I अर्थ जो व्यक्ति आज भगवान का भजन करने का संकल्प करता है कि कल से भजन करूँगा , उसके लिए काल (मृत्यु ) कह देता है - फिर उसके पास समय नहीं होगा| इसलिए हे मानव! आज ही भजन कर, क्यॉकि समय और अवसर किसी की प्रतीक्षा नहीं करते। सबको अपने वश में कर लेता है। काल इसलिए आज का दिन ही सबसे अनमोल है इसे भजन सेवा और सत्कर्म में लगाओ , यही जीवन की सच्ची पूँजी है। Kabir Bhajan Gyan सत साहेब कबीसभजन ಞilor आज कहे हरि कल भजुंगा , काल कहे फिर काल | कालके करत ही , आज अवसर जासी चाल I अर्थ जो व्यक्ति आज भगवान का भजन करने का संकल्प करता है कि कल से भजन करूँगा , उसके लिए काल (मृत्यु ) कह देता है - फिर उसके पास समय नहीं होगा| इसलिए हे मानव! आज ही भजन कर, क्यॉकि समय और अवसर किसी की प्रतीक्षा नहीं करते। सबको अपने वश में कर लेता है। काल इसलिए आज का दिन ही सबसे अनमोल है इसे भजन सेवा और सत्कर्म में लगाओ , यही जीवन की सच्ची पूँजी है। Kabir Bhajan Gyan सत साहेब कबीसभजन ಞilor
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