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संजय ( पुणेकर ) - Author on ShareChat
💘💘 संजय ( पुणेकर ) 💘💘
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#⚕️आरोग्य
Fb/BestMarathi शरीरातील उष्णतेमुळे नाकातून रक्त येत असल्यास , सुक्या खोबऱ्याची वाटी आणि खडीसाखर एकत्र चावून खावी, पूर्णपणे शांत होते. उष्णता Fb/BestMarathi शरीरातील उष्णतेमुळे नाकातून रक्त येत असल्यास , सुक्या खोबऱ्याची वाटी आणि खडीसाखर एकत्र चावून खावी, पूर्णपणे शांत होते. उष्णता
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    💘💘 संजय ( पुणेकर ) 💘💘
    #⚕️आरोग्य
    FBIViralMarathi तळपायांची आग होत असल्यास , झोपण्यापूर्वी कांशाच्या वाटीने तळपायांना गाईंचे तूप लावून घासावे. यामुळे उष्णता बाहेर पडून शरीर शांत होते आणि गाढ झोप लागते. FBIViralMarathi तळपायांची आग होत असल्यास , झोपण्यापूर्वी कांशाच्या वाटीने तळपायांना गाईंचे तूप लावून घासावे. यामुळे उष्णता बाहेर पडून शरीर शांत होते आणि गाढ झोप लागते.
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    💘💘 संजय ( पुणेकर ) 💘💘
    #⚕️आरोग्य
    अंगावर पांढरे जाणे- आयुर्वेदिक टिप्स मराठी ज्यांना हा त्रास होतो ती स्त्री बारीक असेल तर कोहळारस अधिक साखर मिश्रण दिवसातून दोन वेळा प्यावे. पण जाड अथवा स्थूल असेल तर डाळींबाचा रस १ ग्लास १० दिवस घ्यावा. डाळींबाचे दाण्गे स्वच्छ रुमालात घालून पिळावेत. निघालेल्या रसात साखर व मीठ घालावे. हा रस एकाच बेळी न पिता थोडया थोडया वेळाने दिवसभर प्यावा. अंगावर पांढरे जाणे- आयुर्वेदिक टिप्स मराठी ज्यांना हा त्रास होतो ती स्त्री बारीक असेल तर कोहळारस अधिक साखर मिश्रण दिवसातून दोन वेळा प्यावे. पण जाड अथवा स्थूल असेल तर डाळींबाचा रस १ ग्लास १० दिवस घ्यावा. डाळींबाचे दाण्गे स्वच्छ रुमालात घालून पिळावेत. निघालेल्या रसात साखर व मीठ घालावे. हा रस एकाच बेळी न पिता थोडया थोडया वेळाने दिवसभर प्यावा.
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    💘💘 संजय ( पुणेकर ) 💘💘
    #⚕️आरोग्य
    एक माँ कितने सिजेरियन करवा सकती है? सुरक्षित हैं? क्या ३rd और ४th C Section जानिए बच्चेदानी पर इसका क्या असर होता है! चिकित्सा विज्ञान और डॉक्टरों के नियमों के अनुसार, एक महिला के लिए अधिकतम 2 या 3 सिजेरियन डिलीवरी को ही सुरक्षित माना जाता है। इसके बाद, यानी चौथा या पाँचवाँ सिजेरियन कराना बेहद खतरनाक और जानलेवा हो सकता है | #३से _ ज़्यादा _ सिजेरियन _ क्यों _ हैं_ जानलेवा ? बच्चेदानी (Uterus) का कमजोर होना और फटनाः हर सिजेरियन   में बच्चेदानी पर एक ही जगह कट लगया जाता है । और टांके लगने से गर्भाशय की दीवार बेहद पतली कटने बार-्बार और कमजोर हो जाती है ऐसे में चौथी या पॉचवीं गर्भावस्था के दौरान या प्रसव के समय बच्चेदानी के फटने (Uterine Rupture ) का सीधा खतरा रहता है, जो माँ और बच्चे दोनों के लिए घातक है प्लेसेंटा (नाल) की गंभीर बीमारियांः 2 ज़्यादा ऑपरेशन होने से प्लेसेंटा से जुड़ी जटिलताएं जैसे प्लेसेंटा  प्रीविया (नाल का नीचे होना) या प्लेसेंटा एक्रेट्रा का जोखिम कई प्लेसेंटा एक्रेटा में नाल बच्चेदानी की दीवार के गुना बढ़ जाता है बहुत अंदर तक धंस जाती है, जिससे डिलीवरी के वक अत्यधिक और जानलेवा ब्लीडिंग होती है। प्लेसेंटा प्रीविया प्लेसेंटा एक्रेटा इमरजेंसी में बच्चेदानी निकालना (Hysterectomy): यदि चौथे या पॉचबें ऑपरेशन के दौरान ब्लीडिंग कंट्रोल नहीं होती या प्लेसेंटा चिपक अंदर बुरी तरह जाता है॰ तो महिला की जान बचाने के लिए डॉक्टरों के पास बच्चेदानी निकालने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता हिस्टरेक्टॉमी आंतरिक अंगों का आपस में चिपकना (Adhesions): हर सर्जरी के बाद पेट के अंदर स्कार टिशू (निशान) बनते हैं নাং-নরাং সাঁপথান से पेट के अंदरुनी अंग (जैसे मूत्राशय, आंतें और गर्भाशय) आपस में चिपक जाते हैं इससे सर्जरी करना बेहद जटिल हो जाता है और मूत्राशय या आंतों के कटने का भारी डर रहता है। हीलिंग में बहुत लंबा समय लगनाः बार-बार कटे हुए हिस्से को ठीक होने (Heal होने) में शरीर को बहुत लंबा समय लगता है रिकवरी बहुत दर्दनाक होती है और इन्फेक्शन होने का खतरा भी बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है। जरूरी बातः क्या आपके हिसाब से 2 या 3 से ज़्यादा नियमों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिजेरियन ऑपरेशन कराना एक माँ के लिए सही हैं ? २-३ सिजेरियन के बाद रूक जाना ही समझदारी है। "माँ की जान और सेहत सबसे है, पहले अपनी राय कमेंट में बताएं किसी भी तरह का पारिवारिक या और इसे शेयर करें ! सामाजिक दबाव बाद में। " एक माँ कितने सिजेरियन करवा सकती है? सुरक्षित हैं? क्या ३rd और ४th C Section जानिए बच्चेदानी पर इसका क्या असर होता है! चिकित्सा विज्ञान और डॉक्टरों के नियमों के अनुसार, एक महिला के लिए अधिकतम 2 या 3 सिजेरियन डिलीवरी को ही सुरक्षित माना जाता है। इसके बाद, यानी चौथा या पाँचवाँ सिजेरियन कराना बेहद खतरनाक और जानलेवा हो सकता है | #३से _ ज़्यादा _ सिजेरियन _ क्यों _ हैं_ जानलेवा ? बच्चेदानी (Uterus) का कमजोर होना और फटनाः हर सिजेरियन   में बच्चेदानी पर एक ही जगह कट लगया जाता है । और टांके लगने से गर्भाशय की दीवार बेहद पतली कटने बार-्बार और कमजोर हो जाती है ऐसे में चौथी या पॉचवीं गर्भावस्था के दौरान या प्रसव के समय बच्चेदानी के फटने (Uterine Rupture ) का सीधा खतरा रहता है, जो माँ और बच्चे दोनों के लिए घातक है प्लेसेंटा (नाल) की गंभीर बीमारियांः 2 ज़्यादा ऑपरेशन होने से प्लेसेंटा से जुड़ी जटिलताएं जैसे प्लेसेंटा  प्रीविया (नाल का नीचे होना) या प्लेसेंटा एक्रेट्रा का जोखिम कई प्लेसेंटा एक्रेटा में नाल बच्चेदानी की दीवार के गुना बढ़ जाता है बहुत अंदर तक धंस जाती है, जिससे डिलीवरी के वक अत्यधिक और जानलेवा ब्लीडिंग होती है। प्लेसेंटा प्रीविया प्लेसेंटा एक्रेटा इमरजेंसी में बच्चेदानी निकालना (Hysterectomy): यदि चौथे या पॉचबें ऑपरेशन के दौरान ब्लीडिंग कंट्रोल नहीं होती या प्लेसेंटा चिपक अंदर बुरी तरह जाता है॰ तो महिला की जान बचाने के लिए डॉक्टरों के पास बच्चेदानी निकालने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता हिस्टरेक्टॉमी आंतरिक अंगों का आपस में चिपकना (Adhesions): हर सर्जरी के बाद पेट के अंदर स्कार टिशू (निशान) बनते हैं নাং-নরাং সাঁপথান से पेट के अंदरुनी अंग (जैसे मूत्राशय, आंतें और गर्भाशय) आपस में चिपक जाते हैं इससे सर्जरी करना बेहद जटिल हो जाता है और मूत्राशय या आंतों के कटने का भारी डर रहता है। हीलिंग में बहुत लंबा समय लगनाः बार-बार कटे हुए हिस्से को ठीक होने (Heal होने) में शरीर को बहुत लंबा समय लगता है रिकवरी बहुत दर्दनाक होती है और इन्फेक्शन होने का खतरा भी बहुत ज़्यादा बढ़ जाता है। जरूरी बातः क्या आपके हिसाब से 2 या 3 से ज़्यादा नियमों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिजेरियन ऑपरेशन कराना एक माँ के लिए सही हैं ? २-३ सिजेरियन के बाद रूक जाना ही समझदारी है। "माँ की जान और सेहत सबसे है, पहले अपनी राय कमेंट में बताएं किसी भी तरह का पारिवारिक या और इसे शेयर करें ! सामाजिक दबाव बाद में। "
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  • संजय ( पुणेकर ) - Author on ShareChat
    💘💘 संजय ( पुणेकर ) 💘💘
    #⚕️आरोग्य
    ⚕️आरोग्य
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  • चारुशीला सावंत .(उर्फ बेबी) - Author on ShareChat
    ❤️चारुशीला सावंत ❤️.(उर्फ बेबी)
    #⚕️आरोग्य #👨‍⚕️साध्या हेल्थ टिप्स #💊घरगुती उपचार🩺 #🩸आयुर्वेद टिप्स 🍃
    असिडिटीवर असिडिटी म्हणजे काय? असिडिटी म्हणजे पोटातील नैसर्गिक उपाय आम्ल वाढणे. त्यामुळे छातीत जळजळ , अपचन , ढेकर आणि घशात कडूपणा यांसारखा त्रास होऊ शकतो. पोट  निरोगी आनंदी जीवन घरगुती उपाय ७२ थंड दूध + गूळ (4) কক্ঠ স্ত্রা 01 (03 पाने ?ி दूध तुळशीची  + 4-5 পান 4-5 q ग्लास थंड दुधात तुळशीची 4 तुळशीची १ केळे खा. चावून कोमट दुधासोबत घ्या. छोटासा गुळाचा तुकडा घ्याः चावून खा. नैसर्गिक Antacid म्हणून ह असिडिटी आणि जळजळ अँसिडिटी आणि छातीतील पोटाला गारवा मिळतो आणि काम करते आणि जळजळ जळजळ कमी होण्यास कमी होण्यास मदत होते. जळजळ कमी होते. कमी करण्यास मदत करते. मदत होते. 06) কাকsী কিব্া ०५ जिरे + काळे मीठ पाणी Ca TR ೊ6 जास्त चहा-्कॉफी तिखट आणि तेलकट पदार्थ ग्लास कोमट पाण्यात भाजलेल्या जिऱ्याची पूड आणि  काकडी खा किवा गार ताक प्या. चिमूटभर काळे मीठ मिसळा. 3f?RI शरीराला गारवा मिळतो आणि आणि असिडिटी असिडिटी नियंत्रणात ठेवण्यास सुधारते पचन जेवण कमी होण्यास मदत होते. मदत होते असिडिटी कमी करण्याचे फायदे पोटातील जळजळ कमी होते. शरीराला गारवा मिळतो. पचनशक्ती सुधारते. गॅस आणि अपचन कमी होते. charushila sawant असिडिटीवर असिडिटी म्हणजे काय? असिडिटी म्हणजे पोटातील नैसर्गिक उपाय आम्ल वाढणे. त्यामुळे छातीत जळजळ , अपचन , ढेकर आणि घशात कडूपणा यांसारखा त्रास होऊ शकतो. पोट  निरोगी आनंदी जीवन घरगुती उपाय ७२ थंड दूध + गूळ (4) কক্ঠ স্ত্রা 01 (03 पाने ?ி दूध तुळशीची  + 4-5 পান 4-5 q ग्लास थंड दुधात तुळशीची 4 तुळशीची १ केळे खा. चावून कोमट दुधासोबत घ्या. छोटासा गुळाचा तुकडा घ्याः चावून खा. नैसर्गिक Antacid म्हणून ह असिडिटी आणि जळजळ अँसिडिटी आणि छातीतील पोटाला गारवा मिळतो आणि काम करते आणि जळजळ जळजळ कमी होण्यास कमी होण्यास मदत होते. जळजळ कमी होते. कमी करण्यास मदत करते. मदत होते. 06) কাকsী কিব্া ०५ जिरे + काळे मीठ पाणी Ca TR ೊ6 जास्त चहा-्कॉफी तिखट आणि तेलकट पदार्थ ग्लास कोमट पाण्यात भाजलेल्या जिऱ्याची पूड आणि  काकडी खा किवा गार ताक प्या. चिमूटभर काळे मीठ मिसळा. 3f?RI शरीराला गारवा मिळतो आणि आणि असिडिटी असिडिटी नियंत्रणात ठेवण्यास सुधारते पचन जेवण कमी होण्यास मदत होते. मदत होते असिडिटी कमी करण्याचे फायदे पोटातील जळजळ कमी होते. शरीराला गारवा मिळतो. पचनशक्ती सुधारते. गॅस आणि अपचन कमी होते. charushila sawant
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  • संजय ( पुणेकर ) - Author on ShareChat
    💘💘 संजय ( पुणेकर ) 💘💘
    #⚕️आरोग्य
    कडू कडुलिंबाच्या कोवळ्या पानांचा रस  कडुलिंबाच्या कोवळ्या पानांचा कडू मिसळून काढून त्यात साखर H गरम करून थंड झाल्यावर रूग्णाला दिल्यास कावीळ पूर्णपणे बरा होतो. a घरगुती कडुलिंब पानांचा रस साखर मिसळा थंड झाल्यावर प्या गरम कर नैसर्गिक उपाय , निरोगी आयुष्याचा खरा मार्ग! कडू कडुलिंबाच्या कोवळ्या पानांचा रस  कडुलिंबाच्या कोवळ्या पानांचा कडू मिसळून काढून त्यात साखर H गरम करून थंड झाल्यावर रूग्णाला दिल्यास कावीळ पूर्णपणे बरा होतो. a घरगुती कडुलिंब पानांचा रस साखर मिसळा थंड झाल्यावर प्या गरम कर नैसर्गिक उपाय , निरोगी आयुष्याचा खरा मार्ग!
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  • संजय ( पुणेकर ) - Author on ShareChat
    💘💘 संजय ( पुणेकर ) 💘💘
    #⚕️आरोग्य
    Panty পঙ্নন ক न हेल्दी रहें कुछ संभावित फायदे खुश रहें (कुछ महिलाओं में) VAGINAL AREA # 1 हवा लगने से नमी और बदबू कम हो सकती है। TIGHT UNDERWEAR 2 होने वाली Irritation और Sweating कम हो सकती है। YEAST INFECTION ক্ষা RISK 3 कुछ महिलाओं में कम हो सकता है hiba 1 खासकर COTTON CLOTHES पहनने पर। ध्यान दें URINE INFECTION और তালন ম यह हर महिला पर कुछ मामलों में राहत मिल लागू नहीं होता। सकती है। PERSONAL 5 SYNTHETIC FABRIC M HYGIENE का TIGHT ELASTIC ম ম্ীন নালী ध्यान रखना Itching 3IR Irritation सबसे जरूरी है। कम हो सकती है। LOOSE और BREATHABLE 6 CLOTHES # Dr Nidhi Singh कई महिलाओं को ज्यादा Comfortable महसूस होता है। Women's Health Expert @the_doctor_sahiba जगह को दैनिक स्वच्छता Cotton কপ$ कोई भी शिकायत 4f84 का ध्यान रखें মী নী ভাঁবৎ ম মলাম ল सूखा रखें Panty পঙ্নন ক न हेल्दी रहें कुछ संभावित फायदे खुश रहें (कुछ महिलाओं में) VAGINAL AREA # 1 हवा लगने से नमी और बदबू कम हो सकती है। TIGHT UNDERWEAR 2 होने वाली Irritation और Sweating कम हो सकती है। YEAST INFECTION ক্ষা RISK 3 कुछ महिलाओं में कम हो सकता है hiba 1 खासकर COTTON CLOTHES पहनने पर। ध्यान दें URINE INFECTION और তালন ম यह हर महिला पर कुछ मामलों में राहत मिल लागू नहीं होता। सकती है। PERSONAL 5 SYNTHETIC FABRIC M HYGIENE का TIGHT ELASTIC ম ম্ীন নালী ध्यान रखना Itching 3IR Irritation सबसे जरूरी है। कम हो सकती है। LOOSE और BREATHABLE 6 CLOTHES # Dr Nidhi Singh कई महिलाओं को ज्यादा Comfortable महसूस होता है। Women's Health Expert @the_doctor_sahiba जगह को दैनिक स्वच्छता Cotton কপ$ कोई भी शिकायत 4f84 का ध्यान रखें মী নী ভাঁবৎ ম মলাম ল सूखा रखें
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    💘💘 संजय ( पुणेकर ) 💘💘
    #⚕️आरोग्य
    Pregnancy # घरेलुु काम करते समय सावधान ! 5-10 KG ম তসানা 1 वजन ना उठाएं (भारी बाल्टी , गैस सिलेंडर etc. ) Stool या ऊंची स्टूल पर 2 चढ़ने से बचें गिरने का खतरा बढ़ सकता है गीले फर्श & फिसलने वाली sahma & 3 जगहों पर extra सावधानी रखें कमर के level पर झुककर 4_ झाडू-पोछा लगाने से बचें লমানাং 30-40 min ম তমানা 5 kitchen में खड़े ना रहें Phenyl & strong chemicals 6 इस्तेमाल ना करें PHENYL आपकी सावधानी, आपके बच्चें की सुरक्षा Pregnancy # घरेलुु काम करते समय सावधान ! 5-10 KG ম তসানা 1 वजन ना उठाएं (भारी बाल्टी , गैस सिलेंडर etc. ) Stool या ऊंची स्टूल पर 2 चढ़ने से बचें गिरने का खतरा बढ़ सकता है गीले फर्श & फिसलने वाली sahma & 3 जगहों पर extra सावधानी रखें कमर के level पर झुककर 4_ झाडू-पोछा लगाने से बचें লমানাং 30-40 min ম তমানা 5 kitchen में खड़े ना रहें Phenyl & strong chemicals 6 इस्तेमाल ना करें PHENYL आपकी सावधानी, आपके बच्चें की सुरक्षा
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    💘💘 संजय ( पुणेकर ) 💘💘
    #⚕️आरोग्य
    डिस्क्लेमरः हर गर्भावस्था अलग होती है। लक्षण और बदलाव अलग-्अलग हो सकते हैं। 1#9 ஈ কনমী ম ননলান पहला महीना (1-4 সদাম) पीरियड रूकना, थकान और नींद आना| दूसरा महीना 2 (५-8 सप्ताह ) मतली , उल्टी , स्तनों में बदलाव। तीसरा महीना 3 (९-१२ सप्ताह) पेट दिखना शुरू, थकान कम हाना। ব্রীথা মন্ভীনা  (13-16 মদাম) ऊर्जा बढ़ना , शिशु की हलचल शुरू। पाँचवाँ महीना 5 (१७-२० सप्ताह ) शिशु की किक महसूस होना, মুয্র छठा महीना (21-24 মদাম) पेट और वजन बढ़ना, शिशु व की हलचल तेज होना। सातवाँ महीना (२५-२८ सप्ताह ) सांस फूलना, कमर दर्द और थकान। आठवाँ महीना 8 (२९-३२ सप्ताह ) बार-बार पेशाब आना, भारीपन और नींद कम आना। नौवाँ महीना 9 (33-40 মদাচ) बच्चा नीचे आना, डिलीवरी की तैयारी। ध्यान देंः स्वस्थ गर्भावस्था के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी , हल्की एक्सरसाइज़, पर्याप्त आराम और नियमित डॉक्टर की जांच बहुत ज़रूरी है। मां स्वस्थ रहेगी, तभी  शिशु 7 स्वस्थ रहेगा| डिस्क्लेमरः हर गर्भावस्था अलग होती है। लक्षण और बदलाव अलग-्अलग हो सकते हैं। 1#9 ஈ কনমী ম ননলান पहला महीना (1-4 সদাম) पीरियड रूकना, थकान और नींद आना| दूसरा महीना 2 (५-8 सप्ताह ) मतली , उल्टी , स्तनों में बदलाव। तीसरा महीना 3 (९-१२ सप्ताह) पेट दिखना शुरू, थकान कम हाना। ব্রীথা মন্ভীনা  (13-16 মদাম) ऊर्जा बढ़ना , शिशु की हलचल शुरू। पाँचवाँ महीना 5 (१७-२० सप्ताह ) शिशु की किक महसूस होना, মুয্র छठा महीना (21-24 মদাম) पेट और वजन बढ़ना, शिशु व की हलचल तेज होना। सातवाँ महीना (२५-२८ सप्ताह ) सांस फूलना, कमर दर्द और थकान। आठवाँ महीना 8 (२९-३२ सप्ताह ) बार-बार पेशाब आना, भारीपन और नींद कम आना। नौवाँ महीना 9 (33-40 মদাচ) बच्चा नीचे आना, डिलीवरी की तैयारी। ध्यान देंः स्वस्थ गर्भावस्था के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी , हल्की एक्सरसाइज़, पर्याप्त आराम और नियमित डॉक्टर की जांच बहुत ज़रूरी है। मां स्वस्थ रहेगी, तभी  शिशु 7 स्वस्थ रहेगा|
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    💘💘 संजय ( पुणेकर ) 💘💘
    #⚕️आरोग्य
    FBIViralMarathi अंगावर पांढरे डाग (कोड ) येत असल्यास , त्यावर रोज सकाळी कच्च्या पपईचा चीक आणि गर नियमितपणे चोळावा. डाग हळूहळू कमी होऊन त्वचा पूर्ववत होते. FBIViralMarathi अंगावर पांढरे डाग (कोड ) येत असल्यास , त्यावर रोज सकाळी कच्च्या पपईचा चीक आणि गर नियमितपणे चोळावा. डाग हळूहळू कमी होऊन त्वचा पूर्ववत होते.
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