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#🥵आज से शुरू हुआ नौतपा 🤯 आज से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है, जो कि 2 जून 2026 (मंगलवार) तक रहेंगे. नौतपा हिंदू पंचांग और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साल के वे 9 दिन होते हैं, जब भीषण गर्मी पड़ती है. इस दौरान सूर्य देव पृथ्वी के सबसे नजदीक होते हैं, जिससे तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब से नौतपा की शुरुआत होती है. सूर्य इस नक्षत्र में कुल 15 दिनों तक रहते हैं, लेकिन शुरुआती 9 दिनों में सूर्य का प्रभाव सबसे खतरनाक होता है, इसलिए इसे नौतपा कहा जाता है.
नौतपा में क्या करना चाहिए?
- जल का दान: इस समय पानी का दान सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है. राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाएं या ठंडे पानी की व्यवस्था करें.
पशु-पक्षियों की चिंता: घर की छत, बालकनी या आंगन में मिट्टी के बर्तनों में पशु-पक्षियों के लिए साफ पानी और दाना जरूर रखें.
- ठंडी चीजों का सेवन: शरीर में पानी की कमी न होने दें. अपनी डाइट में तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, छाछ, लस्सी, पना और नींबू पानी जैसी ठंडी और हाइड्रेटिंग चीजों को शामिल करें.
- दान-पुण्य: सनातन परंपरा के अनुसार, नौतपा में सत्तू, घड़ा (मिट्टी का मटका), पंखा (हाथ का), और छाता दान करना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है.
नौतपा में क्या करने से बचना चाहिए?
धूप में सीधे निकलने से बचें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है, बहुत जरूरी न हो तो बाहर निकलने से बचें. अगर जाना ही पड़े, तो सिर और कान को सूती कपड़े या छाते से ढककर निकलें.
तामसिक और भारी भोजन न करें: इन 9 दिनों में ज्यादा मसालेदार, तला-भुना, बासी या भारी भोजन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इस मौसम में पाचन तंत्र थोड़ा कमजोर हो जाता है.
मांसाहार और शराब से परहेज: धार्मिक दृष्टि से और सेहत के लिहाज से भी इस दौरान गर्म तासीर वाली चीजों जैसे मांस, मछली या शराब के सेवन से बचना चाहिए. यह शरीर का तापमान और बढ़ा सकते हैं.
शुभ कार्यों की मनाही: हालांकि, नौतपा में रूटीन के काम चलते रहते हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से इन 9 दिनों में विवाह या बड़े मांगलिक कार्यों की शुरुआत की मनाही होती है, क्योंकि अत्यधिक गर्मी के कारण लोग परेशान हो सकते हैं.
नौतपा पौराणिक मान्यता
माना जाता है कि नौतपा के दौरान सूर्य देव जितने अच्छे से तपते हैं, यानी गर्मी जितनी भीषण होती है, मानसून के दौरान उतनी ही अच्छी और भरपूर बारिश होती है. इसे प्रकृति का एक बेहद जरूरी चक्र माना गया है. #🌐 राष्ट्रीय अपडेट #⛈मौसम अपडेट📰 #🎞️आज के वायरल अपडेट्स #🆕 ताजा अपडेट
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