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#बलिदान दिवस #शहीद दिवस #🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है #इतिहास स्मृति
बलिदान दिवस - ননূ  'हूल क्रांति' जनजातीय बहनों भाइयों के में अंग्रेजी fse संगठित प्रारंभ हुई देश की हुकूमत के পক্লী क्रांति थी, जिसमें सिद्धो कान्हू, चाँद भैरव जैसे वीरों के फूलो झानो जैसी वीरांगनाएँ भी मातृभूमि के साथनसाथ লিব  शहीद होे गईं। वीर संथालों के शौर्य और बलिदान की वह पराक्रम गाथा आज भी रोंगटे खड़े कर देती है। प्रत्येक देशवासी को इनकी वीरगाथा जरूर पढ़नी चाहिए fg मातृभूमि के त्याग और समर्पण की प्रेरणा लेनी और चाहिए। १ ५००० शहीद वीर वीरांगनाओं को नमन हूल दिवस हूल क्रांति जनजातीय बहनों भाइयों के नेतृत्व में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध प्रारंभ TUVU हुई देश की पहली संगठित क्रांति थी जिसमें सिद्धो-कान्हू, चाँद भैरव जैसे वीरों के साथ-साथ फूलो-्झानो जैसी वीरांगनाएँ  भी के लिए शहीद हो गईं। वीर সানূমুসি  संथालों के शौर्य और बलिदान की वह पराक्रम गाथा आज भी रोंगटे खड़े कर देती वीरगाथा है। प्रत्येक देशवासी को इनकी ক লিব जरूर पढ़नी चाहिए और मातृभूमि त्याग और समर्पण की प्रेरणा लेनी चाहिए। 30 তুন 1855 ননূ  'हूल क्रांति' जनजातीय बहनों भाइयों के में अंग्रेजी fse संगठित प्रारंभ हुई देश की हुकूमत के পক্লী क्रांति थी, जिसमें सिद्धो कान्हू, चाँद भैरव जैसे वीरों के फूलो झानो जैसी वीरांगनाएँ भी मातृभूमि के साथनसाथ লিব  शहीद होे गईं। वीर संथालों के शौर्य और बलिदान की वह पराक्रम गाथा आज भी रोंगटे खड़े कर देती है। प्रत्येक देशवासी को इनकी वीरगाथा जरूर पढ़नी चाहिए fg मातृभूमि के त्याग और समर्पण की प्रेरणा लेनी और चाहिए। १ ५००० शहीद वीर वीरांगनाओं को नमन हूल दिवस हूल क्रांति जनजातीय बहनों भाइयों के नेतृत्व में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध प्रारंभ TUVU हुई देश की पहली संगठित क्रांति थी जिसमें सिद्धो-कान्हू, चाँद भैरव जैसे वीरों के साथ-साथ फूलो-्झानो जैसी वीरांगनाएँ  भी के लिए शहीद हो गईं। वीर সানূমুসি  संथालों के शौर्य और बलिदान की वह पराक्रम गाथा आज भी रोंगटे खड़े कर देती वीरगाथा है। प्रत्येक देशवासी को इनकी ক লিব जरूर पढ़नी चाहिए और मातृभूमि त्याग और समर्पण की प्रेरणा लेनी चाहिए। 30 তুন 1855 - ShareChat