soni Shukla Spo Lucknow
392 views • 5 days ago •
#🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें कविता :
✊ हुंकार क्रांति की!
उठो धरा के स्वाभिमानी, नव-विहान तुम लाओ,
षड्यंत्रों की इस आंधी में, शौर्य-मशाल जलाओ।
जो भारत माता की ओर उठाए आँख तिरछी कोई,
उसके हर उस नापाक इरादे को तुम राख बनाओ!
छद्म-वेश में छिपे हुए जो गद्दारों के टोले,
जिसकी ज़ुबान से ज़हर बिखरे, जो अलगाव ही बोले,
ज़ंतर-मंतर हो या कोई भी मंच देश का पावन,
तोड़ दो हर वो साज़िश जो अखंडता को तोले!
⚔️ अब न सहेंगे राष्ट्र-द्रोह
गूंज उठे अब एक ही नारा—देश सर्वोपरि अपना,
टुकड़े-टुकड़े करने वालों का सच न होगा सपना!
यह वीरों की, बलिदानों की, पावन पुण्य-धरा है,
इसके कण-कण में स्वाभिमान का बहता रक्त हरा है।
नीति, अनीति, छल और कपट का पर्दाफाश करेंगे,
भारत की सीमाओं की खातिर हम हुंकार भरेंगे!
कलम बने अब ढाल हमारी, वाणी बने भवानी,
लिख दे हर गद्दार का अंत, यह भारत की जवानी।
सत्य, धर्म और राष्ट्र-प्रेम की ऐसी अलख जगाएँ,
एक रहें, अखंड रहें, हम ऐसा हिंद बनाएँ!
जनहित सर्व समाज सेवा समिति
संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष लेखिका कवयित्री
सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश
9984792268
6386627403
12 shares