Newsgenix
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#🌐 राष्ट्रीय अपडेट #🆕 ताजा अपडेट #📢 ताज़ा खबर 🗞️ 1 अगस्त 2026 यानी आज से देश भर में कई अहम आर्थिक, बैंकिंग (banking) और प्रशासनिक नियम (administrive rules) बदल गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम आदमी की रसोई के बजट, रेल यात्रा, टैक्स फाइलिंग और दैनिक बैंकिंग कामकाज पर पड़ने वाला है। आइए विस्तार से जानते हैं कि कौन-से प्रमुख नियम बदले हैं और आपको इनके बारे में क्यों जानना चाहिए: हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां (OMCs) LPG गैस सिलेंडरों (घरेलू और कमर्शियल) की कीमतों की समीक्षा करती हैं। 1 अगस्त को नई दरें जारी होने के साथ ही कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर तय होने वाले इन दामों का सीधा असर आपके मासिक बजट और रेस्तरां के खाने पर पड़ता है। 2. रेलवे: तत्काल (Tatkal) टिकट बुकिंग में नया टोकन सिस्टम भारतीय रेलवे ने 1 अगस्त से तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया को सुलभ बनाने के लिए नया नियम लागू किया है। अब रिजर्वेशन काउंटरों पर टोकन वितरण की प्रक्रिया तत्काल बुकिंग शुरू होने के समय के साथ ही शुरू की जाएगी। इससे पहले यात्रियों को टोकन के लिए अलग से लाइन में लगना पड़ता था, लेकिन नए सिस्टम से लंबी लाइनों, धक्का-मुक्की और समय की बर्बादी से राहत मिलेगी। इसके अलावा ऑनलाइन बुकिंग में बॉट्स और ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए आधार (Aadhaar) आधारित सत्यापन (OTP के जरिए) को अनिवार्य किया गया है। 3. इनकम टैक्स (ITR) फाइलिंग पर जुर्माना वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वेतनभोगी (Salaried) कर्मचारियों और नॉन-ऑडिट वाले करदाताओं (ITR-1 और ITR-2) के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम डेडलाइन 31 जुलाई 2026 थी। जो लोग 31 जुलाई तक अपना ITR फाइल नहीं कर पाए हैं, उन्हें अब आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत 5,000 रुपये तक की लेट फीस (जुर्माना) चुकानी पड़ सकती है। हालांकि, जिन व्यवसायों या करदाताओं (ITR-3 और ITR-4) के खातों का ऑडिट होना जरूरी नहीं है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है। 4. CKYC 2.0 की शुरुआत और बैंकिंग नियम बैंकिंग और निवेश से जुड़े नियमों में यह एक बड़ा कदम है। 1 अगस्त से बैंक और बीमा कंपनियां CKYC 2.0 (सेंट्रल केवाईसी) प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही हैं। इसके तहत ग्राहकों को 14-अंकों का एक यूनिक CKYC नंबर जारी किया जाएगा। इसके बाद आपको अलग-अलग वित्तीय संस्थानों (जैसे बैंक, इंश्योरेंस कंपनी या म्यूचुअल फंड) में बार-बार अपने पहचान पत्र और पते के सबूत जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। #NewRule #Newsgenix
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