जब मैं छोटा बच्चा था। यही ऐड दोहराता था। सबकी मुझको डांट पड़ती, क्या तुझे पैसे देता बजाज? अब मैं भी थोड़ा बूढ़ा हूँ। शायरी कविता लिखता हूँ। फिर भी आज भी गाता हूँ , भले पैसे ना दे बजाज! #laughterkefatke ✍🏻सुमित मानधना 'गौरव'😎 #laughterkefatke
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