sn vyas
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🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 ---*⚜*--- *दीपप्रिय: कार्तवीर्यो मार्तण्डो नतिवल्लभ: ।* *स्तुतिप्रियो महाविष्णुर्गगणेशस्ततर्पणप्रियः* *दुर्गाऽर्चनप्रिया नूनमभिषेकप्रियः शिवः ।* *तस्मात्तेषां प्रतोषाय विदध्यात्तत्तदादृतः ।।* मन्त्रमहोदधि २७/११६-११७ "कार्तवीर्य को दीप प्रिय है, सूर्य को नमस्कार प्रिय है, विष्णुजी को स्तुति प्रिय है, गणेशजी को तर्पण प्रिय है,दुर्गाजी को अर्चना प्रिय है और *शिवजी को अभिषेक प्रिय है ।* अतः इन देवताओ को प्रसन्न करने के लिये इनके प्रिय कार्य ही करने चाहिये।" ---*⚜*--- *विना भस्मत्रिपुंड्रेण विना रुद्राक्षमालया ।* *बिल्वपत्रं विना नैव पूजयेच्छंकरं बुधः ।।* *भस्माप्राप्तौ मुनिश्रेष्ठाः प्रवृत्ते शिवपूजने।* *तस्मान्मृदापि कर्तव्यं ललाटे च त्रिपुंड्रकम् ।।* शिवपुराण, वि० २१/५५,५६ ‘‘विद्वान पुरूष को चाहिये की बिना भस्म का त्रिपुण्ड्र लगाये, बिना रूद्राक्ष की माला धारण किये तथा बिल्वपत्र का बिना संग्रह किये भगवान शंकर की पूजा न करे । शिवपूजन आरम्भ करते समय यदि भस्म न मिल, तो मिट्टी से ही ललाट में त्रिपुण्ड्र अवश्य कर लेना चाहिये।‘‘ ---*⚜*--- 🙏 *जय मातादी* 🙏 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 #शिव महापुराण🙏 #श्री शिव महापुराण कथा #प्रदीप मिश्रा द्वारा शिव महापुराण कथा #🌺श्री शिवाय नमस्तुभ्यं 🙏शिव पुराण पं प्रदीप मिश्रा जी #शिव पुराण 🌺
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