sn vyas
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#राम #राम राम
*“जगु पेखन तुम्ह देखनिहारे ।*
*बिधि हरि संभु नचावनिहारे ॥*
*तेउ न जानहिं मरमु तुम्हारा ।*
*औरु तुम्हहि को जाननिहारा ॥*
*सोइ जानइ जेहि देहु जनाई ।*
*जानत तुम्हहि तुम्हइ होइ जाई ॥*
*तुम्हरिहि कृपाँ तुम्हहि रघुनंदन ।*
*जानहिं भगत भगत उर चंदन ॥”*
`– श्रीरामचरितमानस`
`ऊपरोक्त चौपाइयां वेदांत का हृदय हैं । इन चौपाइयों एवं दोहों में ईश्वर के विराट रूप , महिमा तथा उनकी प्राप्ति के रहस्य का अत्यंत सुंदर वर्णन किया गया है💐`
`चौपाई १.` *जगु पेखन तुम्ह देखनिहारे...*
`अर्थात 👉🏻 हे राम ! यह संसार एक दृश्य ( तमाशा अथवा खेल ) है तथा आप इसके देखने वाले हैं । आप ब्रह्मा , विष्णु औऱ महेश ( शिव ) को भी नचाने वाले ( संचालित करने वाले ) हैं । जब वे ( त्रिनेत्रधारी एवं सर्वोच्च देव ) भी आपके वास्तविक रहस्य/मर्म को पूरी तरह नहीं जान पाते , तो फिर औऱ कौन है जो आपको जान सकता है?`
`चौपाई २.`
*सोइ जानइ जेहि देहु जनाई...*
`अर्थात 👉🏻 हे प्रभु ! आपको वही जान पाता है जिसे आप स्वयं अपना रहस्य बता देते हैं । औऱ जैसे ही कोई आपको जान लेता है ( अर्थात – आपके ज्ञान को प्राप्त करता है ) , वह आपका ही स्वरूप बन जाता है । हे रघुनंदन! हे भक्तों के हृदय को शीतल ( आनंदित ) करने वाले चंदन ! आपकी कृपा से ही कोई भक्त आपको जान पाता है ।`
{ `आध्यात्मिक भाव 👉🏻ईश्वर की प्राप्ति मानव के केवल बुद्धि अथवा तर्क से संभव नहीं है । जब तक स्वयं ईश्वर अपनी कृपा न करें , तब तक उन्हें जानना असंभव है । जो जीवात्मा प्रभु की शरण में जाकर उनके ज्ञान को पा लेती है , वह भी प्रभु का ही अंश तथा स्वरूप ही हो जाती है । प्रभु भक्तों के संताप को मिटाने वाले चंदन के समान शीतल औऱ सुखद हैं ।` }
`श्रीराम जयराम जय जय राम🚩`
`🌄🌄 प्रभात वन्दन 🌄 🌄©®`
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