sn vyas
618 views • 8 days ago
*नमस्ते यन्मयं सर्वं यत्सर्वं च त्वयि प्रभो ।*
*विश्वमूर्ते परं ज्योतिर्यत्तद्ध्यायन्ति योगिनः ॥*
*ऋग्यजुःसामनिधानमचिन्त्यशक्ते र्योगिस्त्रयीमय स्थूलतया धमात्रापरस्वरूप गुणात्परात् ।*
*त्वं सर्वहेतु परमव्ययमाद्यं परं ज्योतिर्वेद्यरूपं स्थूलञ्च देवात्मतया नमामि भास्वन्तमाद्यं परात्परेभ्यः ॥*
[ `श्रीमद् मार्कण्डेय महापुराण , अध्याय ८५ , श्लोक ५-७` ]
*ब्रह्मदेव कृत सूर्य स्तुति –*
`अर्थात 👉🏻 हे प्रभो ! यह सम्पूर्ण जगत आपसे व्याप्त है एवं सब कुछ आपमें ही स्थित है । हे विश्वरूप ! आप ही वह परम् ज्योति हैं जिसका योगीजन ध्यान करते हैं ।`
`आप ऋग्वेद , यजुर्वेद , सामवेद के आधार हैं । आपकी शक्ति अचिन्त्य है । आप तीनों वेदमय , स्थूल-सूक्ष्म से परे , गुणों से अतीत परब्रह्म स्वरूप हैं । आप ही समस्तके कारण , अविनाशी , आदि तथा परम् ज्योति हैं । हे देवात्मा भास्वान ! आपको मैं नमस्कार करता हूँ ।`
*🎯तत्त्वार्थ –*
`यही` *परं ज्योतिः* `शिव एवं सूर्य में अभिन्न है । जो वेदत्रयी का सार है , जो योग का ध्येय है , जो सृष्टि का कारण है – वही` *आदिअनादि अनन्त*`तत्त्व है । बाह्य रूप भले सूर्य का हो ,किन्तु आंतरिक तत्त्व वही शिव है ।` *एकं सत् विप्रा बहुधा वदन्ति*
*परं ज्योतिः यत् तद् ध्यायन्ति योगिनः*
`☝🏻 वही आदि , वही अनादि , औऱ वही अनन्त🙏🏻💐`
*😊अब चित्र विश्लेषण –*
`यह चित्र केवल सूर्यदेव का नहीं ,अपितु परं ज्योतिः का दर्शन है ।`
`७ अश्वों का रथ कालचक्र चलाता है । मध्य का स्वर्णिम तेज वही है जिसका योगीजन ध्यान करते हैं ।`
`बाह्य रूप सूर्य का , आंतरिक तत्त्व शिव का – एकं सत् विप्रा बहुधा वदन्ति`
*ॐ सप्ताश्वाय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नो सूर्यः प्रचोदयात्*
*हर हर महादेव🚩*
`© सर्वाधिकार सुरक्षित। सर्वज्ञ शङ्कर🚩 चैनल`
`🌄🌄 प्रभात वन्दन 🌄🌄`
#🌞जय सूर्यदेव भगवान🙏 शुभ रविवार🙏 ॐ सूर्याय नमः🌻🏕️
8 likes
13 shares