'महान स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर' (28 मई, 1883 – 26 फ़रवरी, 1966)
जयंती पर शत-शत नमन।। 🙏🙏
पूरा नाम विनायक दामोदर सावरकर था। उनका जन्म महाराष्ट्र के नासिक (भगुर) में हुआ था।
वर्ष 1904 में उन्होंने राष्ट्रवाद के प्रसार के लिए 'अभिनव भारत सोसाइटी' नामक गुप्त संगठन बनाया।
ब्रिटिश सरकार द्वारा उन्हें दोहरे आजीवन कारावास की सज़ा देकर अंडमान की कुख्यात 'सेलुलर जेल' (काला पानी) भेजा गया।
जेल की यातनाओं के बीच उन्होंने काग़ज़ क़लम के बिना, दीवारों पर कोयले और कीलों से 'कमला' और 'गोमांतक' जैसी कालजयी काव्यों की रचना की।
छुआछूत और जातिगत भेदभाव के उन्मूलन के लिए रत्नागिरी में 'पतित पावन मंदिर' की स्थापना।।
"The Indian War of Independence - 1857' पुस्तक लिखी।
वे 'अखिल महासभा' के अध्यक्ष रहे और 'हिंदुत्व' की सांस्कृतिक व राजनीतिक विचारधारा को परिभाषित किया।
देशभक्ति, बलिदान और अखंड भारत का सपना... नमन, कोटि-कोटि नमन ! 🙏🙏
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