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#✍️ अनसुनी शायरी #🎤 महफिल ए शायरी #एक रचना रोज ...✍︎✍︎ #💚 लाइफ़ की शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी
✍️ अनसुनी शायरी - हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालम है , जिस तरफ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा..! बसीर बद्र साहब rip खामोशियां... हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालम है , जिस तरफ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा..! बसीर बद्र साहब rip खामोशियां... - ShareChat