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#✍️ अनसुनी शायरी #✍️ साहित्य एवं शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ अनसुनी शायरी - अगरकभी आप पंछी को, दाना डलना भूल जाओ...फ़िर भीचो आपके आंगन आकर बैठ कर इंतजार करता है, तो सोचो उसको विश्वास कितना होगा!!! U अगरकभी आप पंछी को, दाना डलना भूल जाओ...फ़िर भीचो आपके आंगन आकर बैठ कर इंतजार करता है, तो सोचो उसको विश्वास कितना होगा!!! U - ShareChat