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#📽️रविवार शायरी✍️ #✍️ साहित्य एवं शायरी #📚कविता-कहानी संग्रह #📓 हिंदी साहित्य #🌸 सत्य वचन
📽️रविवार शायरी✍️ - Your uote.in बारिश, तन्हाइयाँ और मैं॰ मुझको रास आएंगी ये बारिश की बूंदें और तन्हाइयाँ , अब रोज़ हुए कह जाएँगे बारिश से मेरी ख़ामोशियाँ | ঘুসন बादल भीगती शामें समेटेंगी वक़्त की बिखरी हुई निशानियाँ , हवाएँ छेड़ जाएँगी दिल में दफ़्न सरगोशियाँ | gIt रात की चादर तले जागेंगी फिर वही बेचैनियाँ , चुपके से घेर लेंगी मेरी ही परछाइयाँ। 3k मुझको यूँ ही कट जाएँगी उम्र भर मौसमों की ये वादियाँ, न कोई शिकवा रहेगा , न किसी जवाब की दुश्वारियाँ | आख़िरी बादल भी बरस कर लौट जाएगा अपनी मंज़िल को, জন तब मेरी ख़ामोशियाँ घुल जाएँगी बारिश की गहराइयों में। रास आएंगी ये बारिश की बूंदें और तन्हाइयाँ , 31q I मुझको बादल घूमते हुए कह जाएँगे बारिश से मेरी ख़ामोशियाँ | Gupta Ji Your uote.in बारिश, तन्हाइयाँ और मैं॰ मुझको रास आएंगी ये बारिश की बूंदें और तन्हाइयाँ , अब रोज़ हुए कह जाएँगे बारिश से मेरी ख़ामोशियाँ | ঘুসন बादल भीगती शामें समेटेंगी वक़्त की बिखरी हुई निशानियाँ , हवाएँ छेड़ जाएँगी दिल में दफ़्न सरगोशियाँ | gIt रात की चादर तले जागेंगी फिर वही बेचैनियाँ , चुपके से घेर लेंगी मेरी ही परछाइयाँ। 3k मुझको यूँ ही कट जाएँगी उम्र भर मौसमों की ये वादियाँ, न कोई शिकवा रहेगा , न किसी जवाब की दुश्वारियाँ | आख़िरी बादल भी बरस कर लौट जाएगा अपनी मंज़िल को, জন तब मेरी ख़ामोशियाँ घुल जाएँगी बारिश की गहराइयों में। रास आएंगी ये बारिश की बूंदें और तन्हाइयाँ , 31q I मुझको बादल घूमते हुए कह जाएँगे बारिश से मेरी ख़ामोशियाँ | Gupta Ji - ShareChat