sn vyas
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#जय श्री हरि #💐शुभ गुरुवार 💐 जय 🌄श्री हरि विष्णु भगवान🌻ऊं साई राम🌻 गुड मॉर्निंग 🌺 शुभकामना संदेश 💐🌻
इसको प्रातःकाल में जिसने भी पढ़ा, उसके सौ दिन के अन्दर ही किसी की अच्छी नौकरी लग गयी, किसी का कर्ज समाप्त हो गया, किसी को पुत्र की प्राप्ति हो गयी, किसी को लाखों का फायदा भी हुआ तो किसी को गंभीर रोगों से मुक्ति भी मिल गयी। जिनकी अटूट श्रद्धा और भक्ति थी, उनको तो एक सप्ताह पाठ करते ही जबरदस्त लाभ हो गया। इसलिए श्रद्धा और विश्वास के साथ प्रातः ही पढ़ें। कभी भी नागा न करें। तब ही लाभ होगा।
🌸🌸🌺प्रातःकाल पूजा शुरू करने से पूर्व सूर्योदय के समय 'सनक, सनन्दन सनातन चौथे सनत्कुमार आपको प्रणाम' कहकर नित्य पढ़ें--
ॐ श्री गुरुवे नम:
ॐ श्री गणेशाय नम:
ॐ श्री सूर्याय नम:
ॐ श्री अग्निदेवाय नम:
ॐ श्री विष्णुदेवाय नम:
ॐ श्री महादेवाय नम:
ॐ श्री दुर्गायै नम:
*नारदजी द्वारा श्री विष्णुशतनामस्तोत्र*
ऊँ सच्चिदानन्द स्वरूप वासुदेव,हृषीकेश, वामन, जलशायी, जनार्दन, हरि, कृष्ण, श्रीवत्स, गरुडध्वज, वाराह, पुण्डरीकाक्ष, नृसिंह, नरकान्तक, अव्यक्त, शाश्वत, विष्णु, अनन्त, अज, अव्यय, नारायण, गदाध्यक्ष, गोविन्द, कीर्तिभाजन, गोवर्धनोद्धर, देव, भूधर, भुवनेश्वर, वेत्ता(अर्थात ज्ञानी), यज्ञपुरुष, यज्ञेश, यज्ञवाहक, चक्रपाणि, गदापाणि, शंखपाणि, नरोत्तम, वैकुण्ठ, दुष्टदमन, भूगर्भ, पीतवासा, त्रिविक्रम, त्रिकालज्ञ, त्रिमूर्ति, नन्दकेश्वर, राम (अर्थात परुशुराम), राम (अर्थात रामचन्द्र), हयग्रीव, भीम, रौद्र, भवोद्भव, श्रीपति, श्रीधर, श्रीश, मंगल, मंगलायुध, दमोदर, दमोपेत, केशव, केशिसूदन, वरेण्य, वरद, विष्णु(अर्थात मधुसूदन),आनन्द, वसुदेवज, हिरण्यरेता, दीप्त, पुराण, पुरुषोत्तम, सकल, निष्कल, शुद्ध, निर्गुण, गुणशाश्वत, हिरण्यतनुसंकाश, सूर्यायुतसमप्रभ, मेघश्याम, चतुरवाहु, कुशल, कमलेक्षण, ज्योतीरूप, अरूप, स्वरूप, रूपसंस्थित, सर्वज्ञ, सर्वरूपस्थ, सर्वेश, सर्वतोमुख, ज्ञान, कूटस्थ, अचल, ज्ञानद, परम, प्रभु, योगीश, योगनिष्णात, योगी, योगरूपी, ईश्वर, सर्वभूतेश्वर भूतमय और प्रभु(अर्थात कूर्म) की मैं वन्दना करता/करती हूँ।
जो प्रातःकाल उठकर इसका पाठ करेगा, वह भगवान विष्णु का भक्त हो जायगा। उसके हृदय के सारे पाप धुल जायँगे और वह शुद्धचित्त होकर भगवान विष्णु का सायुज्य प्राप्त कर लेगा/लेगी। इसके पाठ से सहस्त्रों चान्द्रायण व्रत, सैकड़ों कन्यादानजनित पुण्य तथा सहस्त्रों लक्ष गोदानों का फल पाकर व्यक्ति मोक्ष का भागी होता है; उसे दस हजार अश्वमेध यज्ञों का पुण्यफल प्राप्त होता है।
(हरिवंशपुराण) 🌸🌸
युवतियों और महिलाओं को रजस्वला स्थित में चार दिन नहीं पढ़ना चाहिए। चौथे दिन सिर धोकर ही पाॅंचवें दिन से पुनः पढ़ना प्रारम्भ कर देना चाहिए। ऐसा करने से क्रम बना रहता है। ध्यान रखें कि पढ़ना सूर्योदय के समय ही है।
जय अम्बे 🌹🌻🌺
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