sn vyas
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तीर्थयात्रा का पुण्य फल --- 🚩 तीर्थानुगमनं पद्भ्यां तपः परमिहोच्यते । तदेव कृत्वा यानेन स्नानमात्रं फलं लभेत् ।। ये चान्ये कुर्वते शत्तया तीर्थयात्रां तथेश्वरि । स्वकीयद्रव्यपादाभ्यां तेषां पुण्यं चतुर्गुणम्।। 🚩 ☛ ( जो किसी दूशरे कार्य से तीर्थ में जाता है - और वहाँ स्नान करता है - उसके लिए मुनियों ने स्नान के आधे फल की प्राप्ति बताई है ) इस लोक में पैदल तीर्थयात्रा करने को उत्तम फल बताया गया है - किसी सवारी से यात्रा करने पर तीर्थ में स्नान मात्र का ही फल मिलता है - यात्रा का नहीं --- देवि ! जो मनुष्य अपने ही धन और अपने ही पैरों तीर्थयात्रा सम्पन्न करता है - चौगुने पुण्य की प्राप्ति होती है--- संसार के किये पाप तीर्थ में कटते हैं -- परन्तु तीर्थ में किये गए पाप नहीं कटते -- वह वज्रलेप हो जाता है । #🕌छत्तीसगढ़ी चांपरण तीर्थ स्थल 🕌 #प्रसिद्ध तीर्थ स्थल #तीर्थ स्थल
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