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#📚कविता-कहानी संग्रह
📚कविता-कहानी संग्रह - लक्ष्य भी हे, मंज़र भी हे॰ चुभता मुश्किलों का खंज़र भी हे !! प्यास भी हे, आस भी हे॰ ख्वाबो का उलझा एहसास भी हे !! रहता भी हे॰ सहता भी हे॰ बनकर दरिया सा बहता भी हे!! पाता भी हे, खोता भी हे॰ लिपट लिपट कर रोता भी हे !! भी हे, चलता भी हे, থণনা में गलत भी हे !! दुखो कागज सा गिरता भी हे, संभलता भी हे॰ सपने फिर नए बुनता भी हे !! लक्ष्य भी हे, मंज़र भी हे॰ चुभता मुश्किलों का खंज़र भी हे !! प्यास भी हे, आस भी हे॰ ख्वाबो का उलझा एहसास भी हे !! रहता भी हे॰ सहता भी हे॰ बनकर दरिया सा बहता भी हे!! पाता भी हे, खोता भी हे॰ लिपट लिपट कर रोता भी हे !! भी हे, चलता भी हे, থণনা में गलत भी हे !! दुखो कागज सा गिरता भी हे, संभलता भी हे॰ सपने फिर नए बुनता भी हे !! - ShareChat